📅 Published on: January 30, 2025
गुरु जी की कलम से / बढ़नी
बढ़नी रेलवे स्टेशन पर इन दिनों महाकुंभ मेले में शामिल होने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लग रही है पड़ोसीमित्र राष्ट नेपाल एवं आसपास के क्षेत्र से प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में शामिल होने के लिए जाने वाले यात्री स्टेशन परिसर में जगह-जगह खड़े नजर आ रहे हैं।
जब भी ट्रेन आती है तबट्रेनों में सवार होने के लिए लोग एक-दूसरे से धक्का-मुक्की करते है महाकुंभ में डुबकी लगाने की चाहत में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को स्टेशन पर ही काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
स्टेशन परिसर में कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें स्टेशन परिसर में जगह मिलने में काफी मुश्किल हो रही है और उन्हें खुले में ही बैठना पड़ रहा है।
बढ़ती भीड़ के कारण स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें अपनी ट्रेन छूट जाने का डर सता रहा है। रेलवे प्रशासन को इस भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला लेना चाहिए , क्योंकि जो ट्रेन चल रही है वो अभी भी यात्रियों की संख्या के अनुपात में काफी कम है।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य परिवहन निगम की कई बसें बढनी में लगाई गई है जो बढ़नी से प्रयागराज जाती है जिनका किराया कम है फिर भी कुछ दलाल किस्म के लग जिनके पास न अपनी गाड़ी है ना घोड़ा है वह भोली-भाली जनता को अपनी बातों मैं फंसा कर खूब मुर्ख बनाकर लूट रह हैं|
बताया जाता है यह जब कुछ यात्रियों को बहला फुसलाकर राजी कर लेते हैं तो फोन करके प्राइवेट बसों को बुलाकर उन में यत्रियों को ठूंस देते हैं यही नहीं इनमें में से कुछ तो मौका पाते ही यात्रियों कासमान लेकर गायब हो जाते हैं इस प्रकार से ये लोग भारत सरकार और प्रदेश सरकार के साथ-साथ यात्रियों का जेब काटने सामान उठा रफू चक्कर होने की फिराक मे लगे रहते हैं|
नुकसान कर रहे हैं प्रशासन तों इस भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है। प्रशासन ने स्टेशन परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए जगह जगह पुलिस बल तैनात किया है और यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन फिर भी यात्री काफी परेशान हैं और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
महाकुंभ मेले में शामिल होने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को मिलकर यात्रियों की सुविधा के लिए और अधिक कदम उठाने होंगे।