सिद्धार्थनगर: आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था पर चेयरमैन का फूटा गुस्सा, डीएम से की शिकायत

ग्रोथ मॉनिटरिंग तो दूर, भोजन और पोषाहार तक नहीं मिल रहा बच्चों को; जिम्मेदार अफसरों पर उठे सवाल

गुरु जी की कलम से

बढ़नी /सिद्धार्थनगर।
नगर पंचायत बढ़नी बाजार के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण और देखरेख देने की सरकारी मंशा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। जमीनी हकीकत बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। नगर पंचायत चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने आंगनबाड़ी केंद्रों की खस्ताहाल व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

डीएम को भेजे गए पत्र में उन्होंने बताया कि बढ़नी बाजार में लगभग 12 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। डीएम के निर्देश पर ग्रोथ मॉनिटरिंग हेतु बर्तन और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए थे, जबकि नगर पंचायत की ओर से भोजन बनाने के लिए बर्तन आदि की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन विश्वसनीय सूत्रों और मौके की जांच से पता चला कि न तो भोजन तैयार किया जा रहा है और न ही पोषाहार का कोई वितरण हो रहा है।

चेयरमैन जब खुद मौके पर पहुंचे और मोहल्लेवासियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को न पोषाहार मिल रहा है, न ही भोजन की कोई व्यवस्था होती है। यह स्थिति शासन की मंशा और बाल विकास योजनाओं की खुली धज्जियां उड़ाने वाली है।

इस गंभीर लापरवाही से आक्रोशित होकर चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को दो अलग-अलग पत्र—संख्या 63 दिनांक 16/12/2024 और संख्या 79 दिनांक 19/02/2025—के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद धरातल पर योजनाओं का क्रियान्वयन क्यों नहीं हो रहा है।

जिम्मेदार अफसरों की यह उदासीनता न सिर्फ बच्चों के पोषण से खिलवाड़ है, बल्कि शासन की योजनाओं के साथ सीधी गद्दारी है। अगर यह भ्रष्टाचार नहीं, तो और क्या है?

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह शिकायत भी फाइलों में दबी रह जाएगी।