सिद्धार्थनगर: मधवानगर में चोरों का तांडव, एक ही रात दो घरों को बनाया निशाना

ठंड बढ़ते ही सक्रिय हुए चोर; ढेबरुआ पुलिस के सूचना तंत्र पर उठे सवाल, ग्रामीणों में दहशत

गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी बढ़नी के ग्राम सभा मधवानगर में मंगलवार की रात चोरों ने जमकर उत्पात मचाया। बेखौफ चोरों ने एक ही रात में दो अलग-अलग घरों को निशाना बनाकर पुलिसिया गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त है।

पहली घटना: बरामदे में सोता रहा परिवार, चोरों ने खंगाला घर
पहली वारदात मुराली गौड़ के घर हुई। घटना के वक्त परिवार के सभी सदस्य घर के बरामदे में सो रहे थे। चोरों ने इसका फायदा उठाते हुए पिछले दरवाजे से घर में प्रवेश किया और कमरे में रखा बैग व कीमती कपड़े पार कर दिए। सुबह होने पर जब परिजनों की आंख खुली, तो सामान गायब देख शोर मच गया। खोजबीन के दौरान कुछ कपड़े गांव के बाहर बगीचे और सरयू नहर के पास बिखरे हुए मिले। पीड़ित परिवार के अनुसार, गनीमत रही कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

दूसरी घटना: दीवार में सेंध लगाकर चोरी, जेवरात और नकदी पार
दूसरी वारदात मंगरे गुप्ता के घर हुई, जहाँ चोरों ने शातिर तरीके से घर की पिछली दीवार में सेंध काटकर प्रवेश किया। जिस वक्त चोर चोरी कर रहे थे, बगल में ही उनकी माता सोई हुई थी। चोर वहां रखा बक्सा उठाकर बगीचे में ले गए और उसे तोड़कर उसमें रखी नकदी व जेवरात लेकर फरार हो गए। सुबह बगीचे में टूटा हुआ बक्सा और बिखरा हुआ सामान बरामद हुआ।
पुलिस का ‘सूचना तंत्र’ फेल या लापरवाही?
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार हर ग्राम पंचायत में सुरक्षा समिति और ग्राम प्रहरियों का जाल बिछाया गया है ताकि छोटी-छोटी घटनाओं की सूचना पुलिस तक पहुंचे। लेकिन मधवानगर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि या तो सूचना तंत्र कमजोर पड़ गया है या फिर पुलिस स्तर पर इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।