📅 Published on: January 11, 2026
मनरेगा एक कानूनी गारंटी थी जिसे अब सरकार तय करेगी कौन सा काम होगा और उस पर कितना खर्च होगा
Niyamtullah khan
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): केंद्र सरकार की मनरेगा नीति में बदलाव के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। शनिवार को डुमरियागंज के बैदौला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद और अभियान के नवनियुक्त जिला कोआर्डिनेटर राजन श्रीवास्तव ने आंदोलन की विस्तृत रणनीति साझा की।
45 दिनों तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 11 जनवरी से अगले 45 दिनों तक ‘मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नई नीतियों के कारण करोड़ों गरीब परिवारों का रोजगार संकट में है। यह अभियान गांवों से शुरू होकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
आंदोलन की रूपरेखा: उपवास से लेकर घेराव तक
अभियान के कोआर्डिनेटर राजन श्रीवास्तव ने आंदोलन के विभिन्न चरणों की जानकारी दी:
* 11 जनवरी: प्रतीकात्मक विरोध के रूप में एक दिवसीय उपवास।
* 12 से 29 जनवरी: न्याय पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, जहाँ श्रमिकों को सरकार की ‘साजिश’ के बारे में बताया जाएगा।
* 30 जनवरी: जनपद के सभी ब्लॉकों पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन।
* 31 जनवरी से 6 फरवरी: जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया।
प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग विधेयक को वापस लेना और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह लड़ाई देश के गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता
इस घोषणा के दौरान जिला कोषाध्यक्ष रियाज़ मनिहार, ब्लाक अध्यक्ष मुकेश चौबे और जिला महासचिव आसिफ़ रिज़्वी सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।