📅 Published on: February 11, 2026
गुरु जी की कलम से
लखनऊ/मीरजापुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के अपने बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप पेश किया है। इस बजट में जहाँ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया है, वहीं शिक्षा और पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने की योजना भी शामिल है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चुनार (मीरजापुर) की अर्थशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शेफालिका राय ने इस बजट का विश्लेषण करते हुए इसे एक समावेशी और भविष्योन्मुखी बजट बताया है।
1. युवा उद्यमी विकास अभियान: स्वरोजगार को नई उड़ान
बजट की सबसे बड़ी घोषणा ‘युवा उद्यमी विकास अभियान’ है। इसके तहत छोटे उद्योग (MSME) शुरू करने के इच्छुक युवाओं को सरकार ब्याज मुक्त लोन (Interest-Free Loan) उपलब्ध कराएगी। डॉ. शेफालिका राय के अनुसार, यह कदम प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और बेरोजगारी कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।
2. महिला सशक्तिकरण: स्कूटी और कौशल विकास का उपहार
महिलाओं और छात्राओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं:
* रानी लक्ष्मीबाई योजना: मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए 400 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ स्कूटी वितरण का प्रस्ताव है।
* कौशल विकास केंद्र: महिलाओं की बाजार में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष केंद्र खोले जाएंगे, जहाँ बाजार की माँग के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
3. शिक्षा क्षेत्र: बजट का सबसे बड़ा हिस्सा
डॉ. राय ने बताया कि बजट का एक बड़ा हिस्सा बौद्धिक विकास पर खर्च होगा:
* शिक्षा पर व्यय: कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा को समर्पित है।
* प्राथमिक व उच्च शिक्षा: बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, भदोही में नए राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूती प्रदान करेगी।
4. चिकित्सा एवं कृषि पर फोकस
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और खेती को भी प्राथमिकता दी है:
* चिकित्सा: बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर खर्च होगा।
* कृषि: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 9 प्रतिशत हिस्सा कृषि और उससे जुड़ी योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है।
5. पर्यटन और संस्कृति: “वाइब्रेंट डेस्टिनेशन” के रूप में यूपी
उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार ने बड़े निवेश की घोषणा की है:
* सारनाथ और हस्तिनापुर: इन ऐतिहासिक स्थलों को “वाइब्रेंट कल्चरल डेस्टिनेशन” के रूप में विकसित किया जाएगा।
* पर्यटन मित्र: 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों की तैनाती की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा।
* मॉडल टूरिज्म डेस्टिनेशन: अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और विंध्यवासिनी धाम को मॉडल पर्यटन स्थलों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। अयोध्या के लिए विशेष 100 करोड़ रुपये का आवंटन न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगा, बल्कि पूरे पूर्वांचल के पर्यटन उद्योग को नई गति देगा।
डॉ. शेफालिका राय के अनुसार यह बजट बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानव संसाधन के विकास का संतुलन है। तकनीकी प्रशिक्षण और ब्याज मुक्त लोन की व्यवस्था से उत्तर प्रदेश का युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनेगा।