सिद्धार्थ नगर – फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले सपा नेता पर मुकदमा दर्ज

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सिद्धार्थनगर (डुमरियागंज): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। डुमरियागंज पुलिस ने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में समाजवादी पार्टी के एक नेता के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

क्या है पूरा मामला?

आरोपी की पहचान रामफेर यादव (पुत्र बेचन प्रसाद यादव) के रूप में हुई है, जो डुमरियागंज के ग्राम सेखुई गोवर्धन के निवासी हैं। आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2011 में जनपद प्रतापगढ़ से जारी एक फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र का उपयोग कर ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी।

जांच में खुलासे

मामले की जांच में कई चौंकाने वाली विसंगतियां पाई गईं पते में भिन्नता: फर्जी प्रमाण पत्र पर उनका पता ग्राम सरियापुर (प्रतापगढ़) अंकित था, जबकि सेवा अभिलेखों में उनका स्थायी पता सिद्धार्थनगर का दर्ज था।

निलंबन और देरी: प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए जाने पर, तत्कालीन जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद ने 24 अक्टूबर 2017 को ही उनकी सेवा समाप्त कर दी थी। हालांकि, लंबे समय तक उन पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ और न ही वेतन की रिकवरी की गई।

प्रमाण पत्र का स्रोत: बताया जा रहा है कि यह प्रमाण पत्र तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर आयोजित एक विशेष शिविर में जारी किया गया था।

कानूनी कार्रवाई

ब्लॉक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष लवकुश ओझा की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए, डुमरियागंज पुलिस ने रामफेर यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने पुष्टि की है कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

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