📅 Published on: April 11, 2026
गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी कस्बा इन दिनों स्मैक तस्करों और नशेड़ियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ का स्मैक कारोबार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया है, जिससे न केवल भारतीय क्षेत्र बल्कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की युवा पीढ़ी भी नशे के दलदल में फंसकर बर्बाद हो रही है।
हॉटस्पॉट बने मोहल्ले और खंडहर
नगर पंचायत बढ़नी के लोहियानगर, मधवानगर रोड, समय माता स्थान, रेलवे स्टेशन परिसर और सरयू नहर के किनारे स्मैक के कारोबार का मुख्य केंद्र बन गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोहियानगर में स्थित एक खंडहर सोसाइटी भवन, स्टेट बैंक के पीछे की गलियां और पश्चिम पोखरा के पास नशेड़ियों का दिन-भर जमावड़ा लगा रहता है। ये कारोबारी फोन पर ऑर्डर लेकर गलियों में होम डिलीवरी तक कर रहे हैं।
वर्दी की साख पर सवाल और बढ़ता आक्रोश
चर्चा है कि इस अवैध धंधे को कुछ ‘वर्दीधारियों’ का भी परोक्ष संरक्षण प्राप्त है, जिससे कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन नशे को लेकर होने वाले विवादों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। हाल ही में एक घर में घुसकर मारपीट और दो गुटों में झड़प की खबरें भी सामने आई थीं। तनाव तब चरम पर पहुँच गया जब मंगलवार रात लोहियानगर के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रशासनिक हलचल
जनता के भारी विरोध के बाद पुलिस प्रशासन अब ‘अलर्ट मोड’ पर है। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध ठिकानों पर जवानों की तैनाती की गई है। हालांकि, कस्बेवासियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस नेटवर्क की जड़ों पर प्रहार नहीं होगा, तब तक ये छोटे-मोटे प्रयास बेअसर साबित होंगे। स्थानीय नागरिकों ने शासन और प्रशासन के उच्चाधिकारियों से विशेष अभियान चलाकर इन सौदागरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।