📅 Published on: April 13, 2026
Kapilvastupost
इटवा। क्षेत्र के संग्रामपुर और चौखड़िया गांव के बीच रविवार को गेहूं के डंठलों में लगी भीषण आग ने एक गरीब परिवार की खुशियों को झुलसा दिया। तेज पछुआ हवाओं के साथ काल बनी लपटों ने न केवल खेतों को अपनी चपेट में लिया, बल्कि रोजी-रोटी कमाकर घर लौट रहे एक बर्फ विक्रेता को भी मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया।
तेज हवाओं ने आग को बनाया बेकाबू
रविवार दोपहर संग्रामपुर और चौखड़िया के बीच खेतों में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। पछुआ हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि आग ने आसपास के बड़े इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया। धुएं के गुबार और उठती लपटों के बीच वहां से गुजरना नामुमकिन हो गया।
मदद की पुकार और झुलसता शरीर
इसी दौरान डबरा गांव निवासी 45 वर्षीय **राम सागर गुप्त** अपनी साइकिल पर बर्फ बेचकर थक-हार कर घर लौट रहे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में वह आग के घेरे में फंस जाएंगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राम सागर ने आग से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन चारों तरफ से उठती लपटों ने उन्हें घेर लिया। इस हादसे में राम सागर का चेहरा, हाथ और पैर गंभीर रूप से झुलस गए।
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राम सागर अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य हैं। चिलचिलाती धूप में गांव-गांव जाकर बर्फ बेचकर वह अपने परिवार का पेट पालते थे। इस हादसे ने न केवल उनका शरीर झुलसाया है, बल्कि परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। फिलहाल, उनका इलाज इटवा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है।