अस्पताल या ‘लापरवाही का केंद्र’? अधीक्षक गायब, मरीज बेहाल: शिक्षक विधायक के औचक निरीक्षण ने खोली पोल

गुरु जी की कलम से

सिद्धार्थनगर। उसका बाज़ार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अब इलाज के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी और प्रशासनिक अव्यवस्था के लिए पहचाना जाने लगा है। शनिवार को जब शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचे, तो स्थिति देखकर दंग रह गए। अस्पताल के अधीक्षक एस.के. पटेल ड्यूटी से नदारद मिले, जिसे लेकर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई और फटकार लगाई।

मरीजों की बदहाली और अधिकारियों की बेरुखी

​निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर का नज़ारा सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा रहा था। ओपीडी के बाहर एक मरीज स्ट्रेचर पर तड़पता मिला, जिसे घंटों से किसी डॉक्टर ने अटेंड तक नहीं किया था। यह कोई पहली घटना नहीं है; स्थानीय जनता का आरोप है कि यहाँ डॉक्टरों का गायब रहना एक स्थायी समस्या बन चुका है। इससे पहले भी आक्रोशित ग्रामीणों ने अधीक्षक की कार्यशैली के खिलाफ कई बार मोर्चा खोला है, लेकिन “ऊपर” तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

विधायक की चेतावनी: अब बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही

​शिक्षक विधायक ने अस्पताल के अन्य कर्मचारियों और डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार मरीजों को मुफ्त सुविधाएं और दवाइयां देने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन यहाँ के जिम्मेदार इसे पलीता लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ​ड्यूटी से गायब रहने वाले अधीक्षक और अन्य कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • ​ओपीडी समय पर संचालित हो और मरीजों को समय से इलाज मिले।

  • ​लापरवाही बरतने वाले अधिकारी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।

​जनता में भारी आक्रोश है कि जब जनप्रतिनिधि के आने पर यह हाल है, तो आम दिनों में गरीब मरीजों की सुनने वाला यहाँ कोई नहीं होता। अब देखना यह है कि इस फटकार के बाद अस्पताल की व्यवस्था सुधरती है या फिर ढाक के तीन पात वाली स्थिति बनी रहती है।