📅 Published on: April 30, 2026
यह मामला सिर्फ एक जमीनी विवाद नहीं है — यह **पुलिस की निष्क्रियता और प्रशासनिक लापरवाही** का नतीजा है जिसने एक परिवार को उजाड़ दिया। संदीप यादव को 24 अप्रैल को ही न्याय मिल जाता तो शायद आज उनका परिवार यूं सड़क पर न होता।
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर जिले के लोटन कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। जमीनी विवाद में बुरी तरह घायल हुए युवक **संदीप यादव** की **29 अप्रैल 2026 की रात लखनऊ में इलाज के दौरान मौत** हो गई। इस खबर के फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और गुस्साए परिजनों व सैकड़ों ग्रामीणों ने **30 अप्रैल को शव लेकर लोटन चौराहे पर धरना** दे दिया, जिससे तीनों दिशाओं में घंटों लंबा जाम लग गया।
क्या था पूरा मामला? — स्टांप पेपर भी नहीं दिला सका न्याय
मामला लोटन थाना क्षेत्र के धरिनहवा-कुल्हुआ गांव का है। यहां मेन सड़क से जुड़ी **ढेड़ मंडी जमीन** को लेकर दो परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था — एक तरफ **गदहमरवा निवासी रामिमलन परिवार** और दूसरी तरफ **संदीप यादव परिवार**।
परिजनों के अनुसार संदीप के पिता **शिवमूरत** ने पूर्व में **स्टांप पेपर के जरिए** जमीन का लेन-देन किया था, लेकिन इसके बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा **लगातार कब्जे का प्रयास** जारी रहा। जमीन, रास्ते और कब्जे को लेकर यह विवाद कई बार तनाव का कारण बन चुका था।
24 अप्रैल को हुई मारपीट, रास्ते में भी किया हमला
इसी पुराने तनाव के चलते **24 अप्रैल 2026** को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और **जमकर मारपीट** हुई, जिसमें संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि घटना के बाद **रास्ते में भी संदीप और उनके चाचा बबलू पर हमला** किया गया।
गंभीर हालत में उन्हें पहले **स्थानीय अस्पताल** ले जाया गया, जहां से **लखनऊ रेफर** कर दिया गया। कई दिनों की जद्दोजहद के बाद **29 अप्रैल की रात संदीप ने दम तोड़ दिया।मौत की खबर आते ही सड़क पर उतरे ग्रामीण — 3 किमी तक थम गया यातायात
मौत की सूचना गांव पहुंचते ही माहौल बिगड़ गया। **30 अप्रैल को परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर लोटन चौराहे** पर पहुंचे और मुख्य सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन **सुबह 11:55 बजे तक** चलता रहा।
यातायात की स्थिति बेहद गंभीर रही: लोटन तिराहे से मुहाने हाईवे** पर करीब 3–4 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार
– **कुल्हई मार्ग** पर लगभग 4 किलोमीटर तक जाम
– **सोहास मार्ग** पर भी करीब 4 किलोमीटर तक यातायात ठप
– **मोहाना मार्ग** पर करीब 3 किलोमीटर लंबी लाइन
पूरे इलाके में **अफरा-तफरी और अव्यवस्था** का माहौल बना रहा।
पुलिस पर फूटा जनता का गुस्सा — “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे
हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने **पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी** की। लोगों का आरोप था कि **24 अप्रैल की घटना के बाद पुलिस ने केवल मामूली कार्रवाई की**, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़ गए और संदीप को जान गंवानी पड़ी।
परिजनों और ग्रामीणों की प्रमुख मांगें थीं:
– **आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी** और सख्त कार्रवाई
– **पुलिस की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच**
– दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो
SP ने लिया संज्ञान — थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज लाइन हाजिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए **वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन** ने स्वयं संज्ञान लिया और **लोटन थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज को लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल लाइन हाजिर** कर दिया।
मौके पर **सीओ सदर सहित भारी पुलिस बल** तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी लगातार पीड़ितों को समझाने-बुझाने का प्रयास करते रहे। करीब **5 घंटे की मशक्कत** के बाद और थानाध्यक्ष के लाइन हाजिर होने पर **पीड़ित परिवार ने प्रदर्शन समाप्त किया।**
इसके बाद **पुलिस शव को सरकारी गाड़ी में रखकर पोस्टमार्टम** के लिए ले गई। फिलहाल पूरे क्षेत्र में **हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं** और प्रशासन निगरानी कर रहा है।