किशोरी को भगाने के प्रयास में लड़के समेत परिवार वालों पर केस , चार गिरफ्तार

शोहरतगढ़ में नाम बदलकर किशोरी को बहलाने का आरोप, सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज , चार गिरफ्तार जबकि युवक और युवती दोनों एक ही मोहल्ले के निवासी थे । व एक दूसरे को अच्छी तरह जानते थे।

बहरहाल सर्वसमाज इस तरह की घटनाओं की निंदा करता है किसी के मान सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का किसी को अधिकार नहीं । नई पीढ़ी को धर्म और समाज की मान्यताओं का आदर करना चाहिए।

गुरु जी की कलम से

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। नगर पंचायत शोहरतगढ़ में एक युवक पर अपना नाम और धर्म छुपाकर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी युवक समेत उसके परिवार के सात लोगों के विरुद्ध BNS की कई धाराओं और उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

18 मई की शाम लगभग सात बजे कस्बा निवासी एक परिवार का मुखिया किसी काम से बाजार में था, तभी उसकी पत्नी ने फोन कर बताया कि बेटी काफी देर से घर नहीं लौटी है। पिता तुरंत घर पहुंचे और तलाश शुरू की। मोहल्ले के एक व्यक्ति से पता चला कि किशोरी एक युवक के साथ शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर है।

पिता बड़े बेटे के साथ स्टेशन पहुंचे तो देखा कि मोहल्ले का एक युवक उसकी बेटी का हाथ पकड़कर कहीं ले जा रहा था। परिजनों को देखते ही युवक ने धक्का देकर भाग गया। किसी तरह किशोरी को सकुशल घर वापस लाया गया।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवक मुस्लिम है, लेकिन उसने अपना नाम “राज” बताकर हिंदू होने का झांसा दिया और इसी आधार पर किशोरी से दोस्ती की। जब परिवार ने युवक के घरवालों से शिकायत की तो आरोपी के परिजन रशीद, उसकी पत्नी, पुत्र सिराज, रियाज, गोलू और गुड्डू ने गाली-गलौज की।

पुलिस ने सात आरोपियों के विरुद्ध BNS की धारा 191(2) दंगा, 115(2) चोट पहुंचाना, 352 शांति भंग, 351(3) आपराधिक धमकी, 110 हत्या का प्रयास, 137(2) अपहरण, 87 महिला अपहरण तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद कस्बे में तनाव को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। मामले की विवेचना जारी है।