📅 Published on: June 29, 2026
गुरु जी की कलम से
*सिद्धार्थनगर।*
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सिद्धार्थनगर इकाई ने पैगम्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा (रज़ि.), पवित्र कुरआन, हदीस और इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। आज दिनांक 29 जून 2026 को AIMIM जिला अध्यक्ष निशात अली की अध्यक्षता में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी/तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक ज्ञापन सौंपा और आरोपी नाज़िया इलाही खान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
यूट्यूब और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार का आरोप
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए AIMIM के जिला अध्यक्ष निशात अली ने कहा, “यह एक अत्यंत गंभीर विषय है। india.com नाम के एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित साक्षात्कार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नाज़िया इलाही खान द्वारा पैगम्बर-ए-इस्लाम, उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा (रज़ि.) और मुस्लिम समुदाय के संबंध में बेहद आपत्तिजनक और गरिमाविहीन टिप्पणियाँ की गईं। इस संबंध में देश के विभिन्न स्थानों पर प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज हो चुकी हैं।”
निशात अली ने आगे कहा कि विभिन्न माध्यमों से प्रसारित सामग्री में पवित्र कुरआन शरीफ और हदीस की शिक्षाओं की गलत और भ्रामक व्याख्या की गई है। यह समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश है, जिससे न केवल मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
“संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक ताने-बाने को ठेस”
मजलिस नेताओं ने ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म, धार्मिक ग्रंथों, पैगम्बरों और आस्थाओं के सम्मान का अधिकार प्रदान करता है। किसी भी धर्म विशेष के पूजनीय व्यक्तित्वों या धार्मिक ग्रंथों के संबंध में अपमानजनक और उकसावेपूर्ण वक्तव्य देना पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।
निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग
AIMIM जनपद सिद्धार्थनगर ने महामहिम राष्ट्रपति से विनम्र अनुरोध किया है कि इस संवेदनशील प्रकरण का तत्काल संज्ञान लिया जाए। मांग की गई है कि सक्षम एजेंसियों द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और नाज़िया इलाही खान के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कठोर एवं उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ, पैगम्बर अथवा समुदाय के विरुद्ध घृणा फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान यह लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर मजलिस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी रही, जिनमें मुख्य रूप से: हिदायतुल्लाह शम्सी ,मेराज चौधरी ,नईम अख्तर अंसारी ,रिजवान जफ़रुल्लाह,अब्दुल अहद खान, अताउल्लाह चौधरी, एहसान खान ,मक़बूल खान, मेराज अहमद, मोहम्मद शाहनवाज, अब्दुल सलाम, शम्स तबरेज, इजहार उल हक़ खान, अब्दुल रहमान ,शमसुद्दीन अंसारी,आतिफ खान, मोहम्मद इब्राहिम, सेराज अहमद खान आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।