सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का दशम् दीक्षान्त समारोह: महामहिम राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने मेधावियों को सौंपे पदक, कहा- “बेटियां रच रही हैं नया इतिहास”

निजाम अंसारी
*सिद्धार्थनगर, 29 जून 2026*
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनन्दी बेन पटेल के मुख्य आतिथ्य में आज सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर का **दशम् दीक्षान्त समारोह** सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की वनस्पति विज्ञान प्रो0 मधुलिका अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी उपस्थित रहीं। कुलपति प्रो0 कविता शाह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय की उत्कर्ष स्मारिका एवं मासिक पत्रिका ‘कनेक्ट’ का विमोचन किया गया, जिसके बाद छात्राओं ने वन्दे मातरम् और विश्वविद्यालय के कुलगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी।
विकसित भारत के मजबूत स्तम्भ हैं युवा: राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल
दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने कहा कि बुद्ध की यह पावन धरती पूरे विश्व को शान्ति का सन्देश देती है। उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा:
“यह उपाधि केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं है। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ जीवन यापन करना नहीं, बल्कि राष्ट्र का उत्थान करना है। आज नवाचार के नए द्वार खुल रहे हैं और हमारे युवा वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के मजबूत स्तम्भ हैं।”
राज्यपाल ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि आज लड़कों की तुलना में बेटियों ने अधिक मेडल प्राप्त किए हैं। उन्होंने युवाओं से जल संचयन पर विशेष ध्यान देने और अपनी जड़ों व संस्कारों को कभी न भूलने का आह्वान किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी लोक-कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।
37 स्वर्ण पदकों में से 28 पर बेटियों का कब्जा
इस दीक्षान्त समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कुल **37 स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल)** और प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। इसमें बेटियों का दबदबा साफ देखने को मिला, जहां **28 छात्राएं** और **09 छात्र** सम्मानित हुए। इसके साथ ही शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
डिजिटल गवर्नेंस और नए भवनों का लोकार्पण
**डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अंकपत्र:** कुलाधिपति द्वारा वर्ष 2026 के डिग्री और अंकपत्रों को डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया गया।
**नवनिर्मित परिसरों का उद्घाटन:** राज्यपाल ने नवनिर्मित बालगृह **’किलकारी’** और दिव्यांगजन सुविधाओं से युक्त **डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी** का लोकार्पण किया।
* **स्वास्थ्य पहल:** महामहिम द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र पर **एच0पी0वी0 (HPV) टीकाकरण** का शुभारम्भ भी किया गया।
प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन और आत्मनिर्भरता का संकल्प
*मुख्य अतिथि प्रो0 मधुलिका अग्रवाल** ने कहा कि काला नमक चावल की तरह इस विश्वविद्यालय के छात्र भी अपनी प्रतिभा की सुगन्ध पूरे विश्व में फैलाएं। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के सस्टेनेबल उपयोग पर जोर दिया।
**विशिष्ट अतिथि रजनी तिवारी (उच्च शिक्षा राज्यमंत्री)** ने मेधावियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को पूरा करने में युवाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां देश की दिशा और दशा बदल रही हैं।

विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या
कुलपति प्रो0 कविता शाह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जून 2015 में स्थापित इस विश्वविद्यालय के अन्तर्गत वर्तमान में 265 महाविद्यालय आते हैं। सत्र 2025-26 की परीक्षा समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूर्णतः पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कराई गई। उन्होंने बताया कि बीएससी में सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र को ₹10,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। परिसर में चंदन वाटिका, पद्म सरोवर की स्थापना और मिशन शक्ति-5 के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
अन्य प्रमुख सामाजिक व जनकल्याणकारी कार्य
समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की उन बच्चियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने चित्रकला, कहानी और भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही:
**700 आंगनबाड़ी किट** का वितरण किया गया (300 सिद्धार्थनगर, 200 संतकबीरनगर, 200 महराजगंज)।
* एचपीवी टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन सहित संतकबीरनगर और महराजगंज के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया।
* राज्यपाल द्वारा गोद लिए गए गांवों (बर्डपुर व ककरहवा) के प्रधानाचार्यों को **50 पुस्तकों का सेट** भेंट किया गया।
इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल, नेता प्रतिपक्ष  माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक  श्यामधनी राही, विनय वर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, सीडीओ बलराम सिंह, एडीएम गौरव श्रीवास्तव, कुलसचिव दीनानाथ यादव सहित कार्यपरिषद के सदस्य और विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य उपस्थित रहे। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समारोह के समापन की घोषणा की गई।