सिद्धार्थ नगर – मासूम से दरिंदगी करने वाले को ‘प्राकृतिक जीवन’ तक जेल की सजा

**5 साल की बच्ची को झाड़ियों में ले जाकर किया था लहूलुहान, कोर्ट का सख्त फैसला**

Kapilvastupost
*सिद्धार्थनगर।*
गांव के बांध पर खेल रही एक पांच साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर झाड़ी में ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म कर लहूलुहान करने वाले दरिंदे को अदालत ने बेहद सख्त सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट **वीरेंद्र कुमार** की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए आदेश में स्पष्ट लिखा कि *’आरोपी अपने प्राकृतिक जीवन (मरते दम तक) जेल में रहेगा।’* इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
**क्या था पूरा मामला?**
यह सनसनीखेज मामला कठेला समय माता थाना क्षेत्र का है। 25 नवंबर की शाम करीब पांच बजे एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची पास के बांध पर खेल रही थी। इसी दौरान नवेल गांव का निवासी **विजय निषाद उर्फ सुहलित** (पुत्र घीसे) वहां पहुंचा और बच्ची को बहला-फुसलाकर पास की झाड़ी में ले गया।
वहां आरोपी ने बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म किया, जिससे वह खून से लथपथ हो गई और उसकी हालत बिगड़ गई। आरोपी मासूम को गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गया। काफी देर बाद जब डरी-सहमी बच्ची घर पहुंची, तो उसके कपड़ों पर खून के दाग देखकर मां ने पूछताछ की। बच्ची की आपबीती सुनने के बाद मां ने पुलिस में नामजद तहरीर दी।
**कड़े साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा**
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 376एबी और 5/6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर जुर्म साबित हुआ। शासन की ओर से इस मामले में प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक **पवन कुमार पाठक** ने की।
## ⚖️ अन्य अदालती फैसले
### **1. आपसी विवाद और मारपीट के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास**
**सिद्धार्थनगर।**
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश **मो. रफी** की अदालत ने सोमवार को एक अन्य मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला इटवा पुलिस क्षेत्र के पकड़ी शुक्ल गांव का है, जहां पुलिस ने बलिराम गिरि उर्फ लुकाऊ, धनिराम गिरि उर्फ नरदाहे, रमेश गिरि उर्फ छोटकू, निर्मला देवी, शांति उर्फ सुनीता, कुमारी बिन्द्रावती उर्फ भूरी और शिवम गिरि के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (190, 191(2), 191(3), 115(2), 305(ए), 103(1)) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने सभी सातों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया।
### **2. गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को दो वर्ष सात माह की जेल**
**सिद्धार्थनगर।**
गैंगस्टर एक्ट के मामलों की सुनवाई करते हुए एएसजे/एफटीसी-सेकेंड **मनोज कुमार तिवारी** की कोर्ट ने सोमवार को एक शातिर आरोपी को दो वर्ष सात माह के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। त्रिलोकपुर पुलिस ने सोहना गांव के निवासी **कमलेश** (पुत्र स्व. रामलखन) के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया।