📅 Published on: July 7, 2026
रसोई गैस की किल्लत बरकरार; एजेंसी संचालक सवालों के घेरे में, अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
गुरु जी की कलम से
*बढ़नी, सिद्धार्थनगर।*
सरकार द्वारा रसोई गैस से संबंधित सभी प्रतिबंध हटाए जाने के बावजूद नगर पंचायत बढ़नी में रसोई गैस की किल्लत टस से मस नहीं हो रही है। स्थानीय ‘युग कृष्णा इण्डेन गैस एजेंसी’ की मनमानी के चलते आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पर्ची कटाने से लेकर सिलेंडर हासिल करने तक, उपभोक्ताओं को तपती धूप में लंबी कतारों, धक्का-मुक्की और ठेलम-ठेल का सामना करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के बीच उपभोक्ताओं द्वारा एजेंसी संचालक पर अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
होम डिलीवरी बंद कर हो रही लाखों की अवैध कमाई!
क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि यदि रसोई गैस की होम डिलीवरी नियमतः शुरू कर दी गई, तो ओवर रेटिंग के जरिए होने वाली एजेंसी मालिक की लाखों रुपये की अवैध कमाई बंद हो जाएगी। यही कारण है कि होम डिलीवरी के नाम पर एजेंसी संचालक पूरी तरह खामोश हैं।
बुद्धिजीवियों का कहना है कि अतीत में जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण गैस की किल्लत शुरू हुई थी, तब भी उपभोक्ताओं ने मजबूरन निर्धारित मूल्य 992 रुपये की जगह 1000 रुपये देकर सिलेंडर लिया था। यानी उस दौरान भी प्रति सिलेंडर 8 रुपये की अवैध वसूली की गई। लेकिन अब जब स्थितियां सामान्य हैं, तो होम डिलीवरी न देकर उपभोक्ताओं को परेशान क्यों किया जा रहा है? इस पर एजेंसी संचालक पूरी तरह टालमटोल कर रहे हैं।
अनोखा खेल: गैस मिली नहीं और मोबाइल पर आ गया ‘Delivered’ का मैसेज**
एजेंसी के कामकाज का एक हैरान करने वाला तरीका भी सामने आया है। वर्तमान में धड़ल्ले से पर्ची तो काटी जा रही है, लेकिन मोबाइल पर DAC नंबर आने और सप्ताह पूरा होने के बावजूद ग्राहकों को 15 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। हद तो तब हो जाती है जब सिलेंडर मिलने से पहले ही उपभोक्ता के मोबाइल पर ‘गैस डिलीवर्ड’ (गैस मिल चुकी है) का मैसेज आ जाता है। असलियत में ग्राहक के हाथ में सिर्फ एक कागज का टुकड़ा (पर्ची) होता है और गैस कब मिलेगी, इसका कोई अता-पता नहीं होता।
**सरेआम ओवर रेटिंग: प्रति सिलेंडर वसूले जा रहे अतिरिक्त रुपये**
जब उपभोक्ताओं को काफी मिन्नतें करने के बाद गैस मिलती भी है, तो उनसे तय कीमत से अधिक पैसे वसूले जाते हैं। नियमों के मुताबिक, होम डिलीवरी चार्ज सहित सिलेंडर की कीमत **1021 रुपये** है, लेकिन एजेंसी द्वारा बिना होम डिलीवरी किए ही ग्राहकों से सरेआम **1030 रुपये** वसूले जा रहे हैं। यानी प्रति सिलेंडर 9 रुपये की सीधी अवैध वसूली हो रही है।
**आंकड़ों का गणित:** क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक, बढ़नी नगर और देहात मिलाकर इस एजेंसी के पास लगभग **18,000 एक्टिव कनेक्शन** हैं। यदि प्रति सिलेंडर 9 रुपये की अवैध वसूली का गणित लगाया जाए, तो यह राशि लाखों में पहुंचती है, जिससे एजेंसी संचालक की जेबें गरम हो रही हैं।
**जनता में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी**
इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के दर्जनों बुद्धिजीवियों और संभ्रांत नागरिकों ने क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय विधायक विनय वर्मा, जिलाधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी (DSO) और नगर पंचायत चेयरमैन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। पीड़ित जनता ने ओवर रेटिंग और मनमानी करने वाली ‘युग कृष्णा इण्डेन गैस एजेंसी’ के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि इस लूट और उत्पीड़न को जल्द से जल्द नहीं रोका गया, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस पूरे मामले और आरोपों के संबंध में जब एजेंसी संचालक **डॉ. रवि श्रीवास्तव** से उनके दूरभाष (मोबाइल नंबर) पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी।