वर्दी में मानवता: जब रक्षक ही बन जाए ‘मसीहा’, सिद्धार्थनगर के पुलिसकर्मी धीरेंद्र प्रताप सिंह की सेवा भावना को सलाम

गुरु जी की कलम से
**सिद्धार्थनगर।**
जहां एक ओर आज की आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी संवेदनाएं खोते जा रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से इंसानियत को गौरवान्वित करने वाली एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। ढेबरुआ थाना क्षेत्र की बढ़नी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मी धीरेंद्र प्रताप सिंह इन दिनों अपने मानवीय कार्यों को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने वाला सख्त मिजाज ही नहीं, बल्कि तड़पते हुए समाज को सहारा देने वाला एक बेहद संवेदनशील दिल भी धड़कता है।
संकट में ‘लाला बाबा’ का बने संबल
हाल ही में बढ़नी क्षेत्र की जानी-मानी शख्सियत ‘लाला बाबा’ एक सड़क दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चोट और दर्द के कारण वह कई दिनों तक बेबस पड़े रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मुश्किल घड़ी में कोई भी उनकी सुध लेने आगे नहीं आया। जब इस बात की भनक कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह को लगी, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए तत्काल एंबुलेंस बुलाई और बाबा को अस्पताल भिजवाकर उनके इलाज की मुकम्मल व्यवस्था की।
धीरेंद्र प्रताप सिंह के इस निस्वार्थ कदम ने समाज को जगाने का काम किया। उन्हें देखकर कई स्थानीय समाजसेवी भी बाबा की मदद के लिए आगे आए, जिसके चलते आज बाबा का इलाज सुचारु रूप से चल पा रहा है।
सिर्फ इंसान ही नहीं, बेजुबानों के लिए भी धड़कता है दिल
धीरेंद्र प्रताप सिंह का सेवा भाव सिर्फ ड्यूटी या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। उनकी दिनचर्या का एक बड़ा हिस्सा समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों और बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा में बीतता है।
**भूखों को भोजन और असहायों को आसरा:** रेलवे स्टेशन, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भटकने वाले मंदबुद्धि, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को भोजन-पानी मुहैया कराना उनकी आदत में शुमार है।
**बेजुबानों की फिक्र:** कड़कड़ाती धूप हो या कोई भी मौसम, पशु-पक्षियों के लिए दाने-पानी और चारे का प्रबंध करना वह कभी नहीं भूलते। “वर्दी का असली गौरव केवल अधिकारों के इस्तेमाल में नहीं, बल्कि समाज के प्रति करुणा, दया और निस्वार्थ सेवा में छिपा है।”
सोशल मीडिया पर सराहना, जनता कर रही सलाम
धीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किए जा रहे इन सराहनीय कार्यों की तस्वीरें और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। लोग उनकी कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ उनके इस सेवादार रूप की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि धीरेंद्र प्रताप जैसे पुलिसकर्मी समाज में खाकी का मान बढ़ाते हैं और यह भरोसा पैदा करते हैं कि पुलिस वाकई आम जनता की सबसे सच्ची मददगार है।
निश्चित रूप से, धीरेंद्र प्रताप सिंह की यह कहानी समाज के हर व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा है कि हम चाहे जिस भी पद या हैसियत में हों, मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।