📅 Published on: July 14, 2026
गुरु जी की कलम से
**बढ़नी (सिद्धार्थनगर)।**
विकास खण्ड बढ़नी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गड़रखा में सरकारी धन के बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं और धरातल पर काम के नाम पर सिर्फ ‘फ़ोटोशूट’ हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों की शह पर ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक मिलकर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने में जुटे हैं।
**किराए के मजदूर और फर्जी मास्टर रोल का खेल**
सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गड़रखा ग्राम पंचायत में मिट्टी पटाई कार्य के नाम पर पिछले कई दिनों से सैकड़ों लोगों का फर्जी मास्टर रोल भरा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जो सिर्फ साइट पर आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और घर चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ बाकायदा ‘किराए के मजदूर’ बुलाकर फोटो शूट कराया जा रहा है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि मनरेगा कार्यस्थल कोई विकास कार्य की जगह न होकर ‘पिकनिक स्पॉट’ बन गया हो।
**छुट्टी के दिन भी हाजिरी, निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल**
भ्रष्टाचार की हद तो तब पार हो गई जब सरकारी छुट्टियों के दिनों में भी श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है। बिना किसी जमीनी कार्य के मस्टर रोल में दर्ज हो रही यह हाजिरी सीधे तौर पर बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इसकी पूरी भनक है, लेकिन जमीनी हकीकत जांचने के बजाय उन्होंने आंखें मूंद रखी हैं।
**”छुट्टी के दिन हाजिरी लगाना पूरी तरह गलत है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।”**
> — **शाहिद सिराज, एपीओ (बढ़नी)**
**जिम्मेदार बीडीओ का फोन बंद, उठ रहे सवाल**
इस पूरे फर्जीवाड़े और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोपों पर जब खंड विकास अधिकारी (BDO) बढ़नी, अनिशि मणि पांडे के सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबर (9454464746) पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन स्विच ऑफ मिला। बीडीओ का फोन बंद होना प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है। आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारी इस लूट पर चुप्पी साधे बैठे हैं?