मेधावियों के सम्मान से खिले चेहरे: राम विलास इंस्टीट्यूट के सौजन्य से आयोजित समारोह में जुटे जिले के होनहार

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और बिना ठोस लक्ष्य के कोई भी यात्रा पूरी नहीं होती। आज के इन होनहारों की आंखों में जो चमक है, वही देश का असली भविष्य है; बस अपनी मेहनत की निरंतरता को टूटने न दें। डॉ विमल कुमार द्विवेदी वरिष्ठ आर्थो सर्जन

निजाम अंसारी
**सिद्धार्थनगर।** शहर के प्रसिद्ध होटल शुभम पैराडाइज में मंगलवार को मेधावी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाने के लिए ‘भविष्य ज्योति सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के विभिन्न विद्यालयों के 80 से अधिक मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक **श्री राम विलास इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज** रहे।
डीएम और सीडीओ ने किया दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बलराम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद रघुवर प्रसाद जायसवाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बच्चों ने सरस्वती वंदना की।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी: डीएम
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि माता-पिता का अनुभव जीवन में सफल होने में मील का पत्थर साबित होता है। उन्होंने कहा, “शिक्षा के साथ जीवन में संस्कार का बहुत महत्व है। हाईस्कूल व इंटर का परिणाम सफलता की पहली सीढ़ी है, इसे अंतिम न समझें।” उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम की निरंतरता बनाए रखने और देश व समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी।
लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने छात्रों को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उसी दिशा में आगे बढ़ें, सफलता अवश्य तय है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आप दबाव में किसी क्षेत्र में सफल नहीं हो सकते, इसलिए अपने पसंद के क्षेत्र में ही आगे बढ़ने के लिए कार्य करें।

संस्थान की प्रबंधक डॉ श्रीमती अनीता द्विवेदी ने मेधावियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जिले की प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ने के लिए सही मंच प्रदान करना हमारे संस्थान का मुख्य संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हुए ये होनहार बच्चे न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे सिद्धार्थनगर क्षेत्र का गौरव हैं और इनकी यह बड़ी सफलता अन्य छात्र-छात्राओं को भी कठिन परिश्रम करने के लिए प्रेरित करेगी। संस्थान की ओर से उन्होंने विश्वास दिलाया कि नर्सिंग व मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय संसाधन और बेहतरीन मार्गदर्शन प्रदान कर वे युवाओं के करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। अंत में उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए जीवन के हर क्षेत्र में सेवा भाव, अनुशासन और अटूट विश्वास के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहने का संदेश दिया।”

सम्मान पाकर खिले मेधावियों के चेहरे
समारोह में गंगा नेशनल पब्लिक स्कूल, सरला इंटरनेशनल एकेडमी, सेंट जेवियर्स इंटर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, जय किसान इंटर कॉलेज, रघुवर प्रसाद जायसवाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, तीर्थराज समार्था इंटर कॉलेज, श्री विश्वेश्वरी इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और बिजडम वे पब्लिक स्कूल सहित कई स्कूलों के मेधावियों को मंच पर सम्मानित किया गया। मेडल और सर्टिफिकेट पाकर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
राम विलास इंस्टीट्यूट की प्रधानाचार्या और प्रतिष्ठित चिकित्सक भी हुए सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्य प्रायोजक **श्री राम विलास इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज** की प्रधानाचार्या जूही शुक्ला को जिलाधिकारी व सीडीओ द्वारा उनकी उत्कृष्ट सहभागिता के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही क्षेत्र के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी और वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉ. चंद्रेश उपाध्याय को भी सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने मेधावियों को सफलता के सूत्र देते हुए कहा कि जीवन की परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करने के लिए खुद को साबित करना पहला चरण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि माता-पिता से मिली प्रेरणा जीवन में आने वाली हर कठिन चुनौती का सामना करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉक्टर उपाध्याय ने युवाओं को सलाह दी कि इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करें और इससे आवश्यक दूरी बनाए रखें। अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थी अपना एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी व कठिन परिश्रम के साथ जुट जाएं।

चिकित्सकों ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि कभी भी लक्ष्यहीन बनकर कार्य नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से सकारात्मक दूरी बनाए रखने और कठिन परिश्रम के बल पर जीवन की हर चुनौती का सामना करने की सीख दी।