📅 Published on: July 16, 2026
निजाम अंसारी
*सिद्धार्थनगर, इटवा।* इटवा तहसील क्षेत्र के कठौतिया फीडर से जुड़े ग्रामीण इन दिनों बिजली की भारी कटौती से त्रस्त हैं। क्षेत्र में अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है, जिन्हें इस मुख्य सीजन में खेती-किसानी और सिंचाई के लिए बिजली की सख्त जरूरत है।
रात की कटौती ने छीनी नींद, सिंचाई ठप
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती का दौर जारी है। दिनभर खेतों में हाड़-तोड़ मेहनत करने के बाद ग्रामीणों को रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि रात होते ही बिजली गायब हो जाती है। वहीं, बिजली के आने-जाने का कोई समय तय न होने के कारण फसलों की सिंचाई का काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो उनकी फसलें सूख जाएंगी।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की शिकायत कई बार संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से क्षेत्र में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सुधार करना चाहिए, अन्यथा ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
**क्या कहते हैं जिम्मेदार?**
इस संबंध में जब बिजली विभाग के **जेई सिद्धार्थ शंकर गुप्ता** से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वर्तमान में रोस्टिंग की समस्या चल रही है, जिसके कारण कटौती हो रही है। उन्होंने जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने का आश्वासन दिया है।