नेपाल में जलप्रलय से तबाही: 378 की मौत, 1,400 से ज्यादा लापता; गोरखपुर के दो लोग सुरक्षित, एक अब भी लापता, 288 भारतीयों से संपर्क नहीं
📅 Published on: August 28, 2026
288 भारतीयों से संपर्क नहीं, गोरखपुर के रवीश कुमार की तलाश जारी; नेपाल-तिब्बत सीमा पर रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर
Editorial
गोरखपुर/काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल में मृतकों की संख्या 469 पहुंच गई है, जबकि नेपाल और पड़ोसी तिब्बत को मिलाकर 1,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक और पर्यटक शामिल हैं। राहत एवं बचाव दल मलबे में जिंदगी तलाश रहे हैं और हेलीकॉप्टरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
गोरखपुर के तीन लोगों की जानकारी सामने आई, दो सुरक्षित
इस भयावह आपदा के बीच गोरखपुर से जुड़े तीन लोगों के नाम लापता लोगों की सूची में सामने आए थे। स्थानीय प्रशासन की जांच के बाद इनमें से दो लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है, जबकि सहजनवां क्षेत्र के रामपुर धड़तौली गांव निवासी रवीश कुमार का अभी तक पता नहीं चल सका है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार रवीश करीब छह महीने से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में काम कर रहे थे और उनकी आखिरी लोकेशन त्रिशूली क्षेत्र में मिली थी।
लापता रवीश कुमार के परिवार में चिंता का माहौल है। उनके भाई की ओर से प्रशासन को सूचना दिए जाने के बाद संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उनकी तलाश की जा रही है।
वहीं, गोरखपुर से जुड़े अभिजीत सिंह और आशुतोष मणि उपाध्याय के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह उपलब्ध जानकारी के मुताबिक गोरखपुर से सामने आए तीन मामलों में दो लोगों का पता चल चुका है, जबकि एक की तलाश जारी है।
प्रशासन ने पहले कहा था—गोरखपुर का कोई नागरिक लापता नहीं
आपदा के शुरुआती दौर में गोरखपुर प्रशासन ने कहा था कि जिले के किसी नागरिक के लापता होने की सूचना प्रशासन को नहीं मिली है। इसके बाद सामने आई स्थानीय सूचनाओं के आधार पर तीन लोगों के नामों की जांच की गई, जिसमें दो के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई और एक की तलाश जारी है। इसलिए गोरखपुर से कुल कितने लोग प्रभावित हैं, इसका अंतिम जिला-वार आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।
288 भारतीयों से संपर्क नहीं
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में प्रभावित क्षेत्र में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के अलावा नेपाल में काम करने वाले भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारत सरकार नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं।
नेपाल की आपदा में भारतीय नागरिक सबसे बड़े प्रभावित विदेशी समूहों में शामिल हैं। अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा समेत 30 से अधिक देशों के नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 3,253 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनरी और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई घायलों को काठमांडू तथा आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया है।
आपदा प्रभावित इलाकों में सड़क और पुलों के बह जाने से रेस्क्यू टीमों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाके अभी भी मुख्य सड़क मार्ग से कटे हुए हैं।
नई बाढ़ का भी खतरा
रेस्क्यू अभियान के बीच एक और चिंता पैदा हो गई है। मलबे के कारण नदी के रास्ते में कृत्रिम झील/बैरियर लेक बन गई है, जिसमें पानी बढ़ रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोध टूटता है तो नीचे की ओर एक और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है। नेपाल और चीन दोनों तरफ इस खतरे पर नजर रखी जा रही है।
कैसे आई इतनी बड़ी तबाही?
प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलनों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में बर्फ, चट्टान और मलबे के बड़े हिस्से के नदी में गिरने से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया। इससे त्रिशूली और अन्य नदी तंत्रों में अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई और रास्ते में आने वाले घरों, पुलों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।
गोरखपुर और पूर्वांचल में बढ़ी चिंता
नेपाल से सटे होने के कारण गोरखपुर और पूर्वांचल के लोगों की नजर लगातार वहां के हालात पर बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार, तीर्थयात्रा और अन्य कारणों से नेपाल आते-जाते हैं। ऐसे में नेपाल में रहने वाले या यात्रा करने वाले अपने परिजनों से संपर्क नहीं होने के कारण कई परिवार चिंतित हैं।
गोरखपुर में फिलहाल मुख्य चिंता रवीश कुमार की सुरक्षित वापसी को लेकर है। वहीं प्रशासन और परिवार उनके बारे में और जानकारी जुटाने में लगे हैं।
अभी तक के प्रमुख आंकड़े
स्थिति | ताजा जानकारी |
|---|---|
नेपाल में मृतक | 469 |
नेपाल में लापता | करीब 977 |
नेपाल-तिब्बत मिलाकर लापता | 1,400+ |
लापता भारतीय | 288 के करीब |
नेपाल में सुरक्षित निकाले गए | 3,253 |
प्रभावित विदेशी नागरिक | 30+ देशों के |
गोरखपुर से सामने आए मामले | 3 |
गोरखपुर से सुरक्षित | 2 |
गोरखपुर से अब भी लापता | 1 — रवीश कुमार |


