📅 Published on: September 13, 2026
नौगढ़ के हुसैनगंज में महीनों से जलभराव, दुकान बंद होने की नौबत — पुलिस और नगर पालिका में शिकायत के बावजूद नहीं मिला स्थायी समाधान
निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ तहसील अंतर्गत हुसैनगंज (कल्याण ज्वेलर्स के सामने) में हेल्थ सिटी हॉस्पिटल से मोटर और पाइप के माध्यम से लगातार छोड़े जा रहे गंदे व सीवर के पानी से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी रोष है। पीड़ित नीरज कुमार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनके मकान परिसर में लगातार जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई है, जिससे दुर्गंध और आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
**थाने में सबसे पहले लिखित शिकायत**
पीड़ित ने बताया कि किराए की दुकान में व्यवसाय कर रहे प्रार्थी ने सबसे पहले 30 जुलाई 2026 को थानाध्यक्ष, सिद्धार्थनगर को लिखित प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था कि ठीक उनकी दुकान के पीछे संचालित हेल्थ सिटी हॉस्पिटल का गंदा पानी हमेशा दरवाजे के सामने इकट्ठा होता रहता है। इस संबंध में कई बार हॉस्पिटल प्रबंधन से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन बीते एक महीने से दुकान खोलना तक मुश्किल हो गया था।
**नगर पालिका और अब जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत**
थाने में की गई शिकायत पर भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने 6 अगस्त 2026 को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को भी लिखित शिकायत सौंपी। इसके बावजूद स्थायी समाधान न मिलने पर मामला अब समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (जनसुनवाई पोर्टल), उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। पोर्टल पर दर्ज शिकायत की संदर्भ संख्या **40018426019562** है, जिसे 30 अगस्त 2026 को दर्ज कराया गया।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि हेल्थ सिटी हॉस्पिटल द्वारा मोटर चलाकर पाइप के माध्यम से गंदे और सीवर के पानी की लगातार निकासी की जा रही है, जिससे आवेदक के मकान परिसर में जलभराव के साथ-साथ आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिकायत नगर विकास तथा नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के अंतर्गत “नगर पालिका/नगर पंचायत में सड़क खुदाई एवं जलभराव संबंधी” श्रेणी में दर्ज की गई है।
**प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग**
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि प्रकरण की तत्काल जांच कराकर हेल्थ सिटी हॉस्पिटल द्वारा गंदे व सीवर के पानी की निकासी पर रोक लगाई जाए तथा पानी की उचित एवं स्थायी निकासी की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही मकान परिसर में जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने और पूर्व में थाने व नगर पालिका में दी गई शिकायतों पर भी अब तक कार्रवाई न होने पर उचित कदम उठाने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो यह समस्या क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
वहीं दूसरी ओर हेल्थ सिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने भी अपनी परेशानी बताई है। प्रबंधन का कहना है कि क्षेत्र में उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण अस्पताल के मुख्य गेट पर भी पानी भरा रहता है, जिससे मरीजों को पैदल या वाहन से अस्पताल परिसर में प्रवेश करने में भारी दिक्कत होती है। प्रबंधन का कहना है कि यह समस्या केवल पड़ोसियों के लिए ही नहीं, बल्कि अस्पताल के लिए भी उतनी ही गंभीर है और वे स्वयं भी लगातार इस स्थिति से जूझ रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन के एक जिम्मेदार व्यक्ति ने कहा, “क्षेत्र में जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण बारिश और अन्य पानी की निकासी नहीं हो पाती, जिससे हमारे मुख्य गेट पर भी पानी भर जाता है और मरीजों को आने-जाने में परेशानी होती है। हम भी चाहते हैं कि प्रशासन इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान निकाले।”
इससे स्पष्ट होता है कि यह समस्या केवल किसी एक पक्ष की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में जल निकासी की बुनियादी व्यवस्था न होने की है, जिसका खामियाजा स्थानीय निवासी, दुकानदार और अस्पताल आने वाले मरीज—सभी भुगत रहे हैं।
बताते चलें कि यह पूरा मामला नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। एक महीने से अधिक समय से जलभराव की शिकायत के बावजूद अधिशासी अधिकारी कार्यालय से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। जब स्थानीय स्तर पर शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं, तो नागरिकों को जनसुनवाई पोर्टल जैसे मंचों की शरण लेनी पड़ती है, जो प्रशासनिक विफलता का ही परिचायक है। सवाल यह है कि जब स्वयं एक अस्पताल भी इस जलभराव से त्रस्त है, तो नगर पालिका आखिर कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी।