सरकारी अस्पताल में मरीज के शोषण का आरोप: PHC के डॉक्टर पर बाहर से महंगी दवाएं और जांच लिखने की शिकायत, CM पोर्टल पर मामला दर्ज

Kapilvastupost

बढ़नी/सिद्धार्थनगर

नगर पंचायत बढ़नी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में सरकारी सुविधाओं के बावजूद मरीजों का शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के एक चिकित्सक पर दवा विक्रेताओं और निजी पैथोलॉजी केंद्रों से सांठगांठ कर बाहर से महंगी दवाएं लिखने व जांच कराने की सलाह देने का आरोप लगा है। पीड़ित मरीजों ने इस मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से की है।

2 हजार की जांच और 2 हजार की बाहरी दवा का पर्चा

शिकायत पत्र के अनुसार, बढ़नी बस स्टॉप निवासी रिजवान पठान तथा दुधवानिया निवासी मशरूर आलम और नूर आलम बीते 07 सितंबर को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. श्रवण कुमार चौधरी ने उन्हें अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं देने के बजाय बाहर से जांच कराने की सलाह दी।

मरीजों का कहना है कि डॉक्टर के निर्देश पर उन्होंने अस्पताल गेट के पास स्थित स्टार डायग्नोस्टिक सेंटर में लगभग 2,000 रुपये खर्च करके जांच कराई। इसके बाद जब जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई गई, तो उन्होंने फिर से बाहर की दुकान से करीब 2,000 रुपये की महंगी दवाएं खरीदने का पर्चा थमा दिया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण रिजवान दवाएं नहीं खरीद सके और बाद में मजबूरन एक निजी चिकित्सक से अपना इलाज कराया।

16 बिंदुओं पर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ितों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में दवाएं और जांच सुविधाएं मौजूद होने के बाद भी बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने पत्र में 16 प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी चिकित्सक पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

आरोपों पर डायग्नोस्टिक सेंटर व स्वास्थ्य विभाग का पक्ष

  • लाल बाबू श्रीवास्तव (संचालक, स्टार डायग्नोस्टिक एवं हेल्थ सेंटर): “हमारे ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। हमने मरीजों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया है। हमारे पास जो भी जांच आती है, हम उपलब्धता के अनुसार मानक दर पर ही जांच करते हैं।”

  • डॉ. अविनाश चौधरी (प्रभारी चिकित्साधिकारी, PHC बढ़नी): “मामला हमारे संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है। जांच में यदि कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”