भवानीगंज में फिर चला प्रशासन का डंडा: तीन अस्पताल सील, डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस

बेवा और डुमरियागंज कस्बे में भी बिना मानक के चल रहे अस्पताल

अभिलेख नहीं दिखा सके संचालक, दादा हनुमान हॉस्पिटल पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर/भवानीगंज। भवानीगंज कस्बे में संचालित निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को एसडीएम डुमरियागंज विवेकानंद मिश्र और सीएचसी बेंवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी की संयुक्त टीम ने कई अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर का औचक निरीक्षण किया। संचालन से संबंधित अभिलेख उपलब्ध न कराने और जांच में कमियां मिलने पर तीन अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि एक डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

दादा हनुमान हॉस्पिटल पर फिर कार्रवाई

टीम ने दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अस्पताल को सील कर नोटिस की कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि इसी अस्पताल पर इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर चुका है। 21 जुलाई 2026 को बिना वैध पंजीकरण के संचालन पाए जाने पर दादा हनुमान हॉस्पिटल को सील किया गया था और परिसर में नोटिस चस्पा किया गया था।

ऐसे में दोबारा हुई कार्रवाई के बाद अब अस्पताल के दस्तावेज और उसके संचालन को लेकर आगे होने वाली जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

लखनऊ पॉलीक्लीनिक और के. शिफा हेल्थ क्लीनिक भी सील

निरीक्षण के दौरान लखनऊ पॉलीक्लीनिक पर भी संचालन से संबंधित कागजात मांगे गए, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए जा सके। मौके पर मौजूद डॉ. इरशाद अहमद से भी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने पर अस्पताल को सील कर दिया गया।

इसी तरह के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में भी आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने पर टीम ने सील की कार्रवाई की। दोनों प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस देकर जवाब और संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस

टीम ने श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संचालन से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इस पर सेंटर को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

अब दस्तावेजों की जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

तीन अस्पतालों को सील किए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की नजर संचालकों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों और जवाब पर है। अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे के अनुसार बिना वैध अभिलेख और निर्धारित मानकों के किसी भी अस्पताल या जांच केंद्र का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। भवानीगंज में जांच के दौरान मिली कमियों के आधार पर तीन अस्पताल सील किए गए हैं और संचालकों से अभिलेख व स्पष्टीकरण मांगा गया है।

पहले की कार्रवाई के बाद फिर जांच, अब उठे सवाल

भवानीगंज में लगातार सामने आ रही कार्रवाई से निजी अस्पतालों के संचालन और उनके दस्तावेजों की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी चर्चा में है। खासकर दादा हनुमान हॉस्पिटल पर जुलाई में सीलिंग कार्रवाई के बाद सितंबर में दोबारा कार्रवाई होना इस पूरे मामले को महत्वपूर्ण बनाता है। अब यह देखना होगा कि संचालकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच में क्या सामने आता है और विभाग आगे क्या कदम उठाता है।

प्रशासन का कहना है कि नियमों और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों एवं जांच केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।