📅 Published on: October 13, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 43वीं वाहिनी सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के कल्याण के लिए भी लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में वाहिनी की सीमा चौकी खुनुवां के अंतर्गत ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना से आच्छादित ग्राम पंचायत मदरहना जनूबी के टोला पड़रहवा में मंगलवार को एक दिवसीय निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पहुंचे 28 पशुपालकों के कुल 102 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाइयां प्रदान की गईं।
प्रमुख बिंदु एवं शिविर की विशेषताएं
102 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण व मुफ्त दवा वितरण: शिविर में आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे 28 पशुपालकों के 102 पशुओं (गाय, भैंस, बकरी आदि) की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। पशुओं में मौसमी बीमारियों, कुपोषण और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी औषधियां एवं सिरप पशुपालकों को निःशुल्क बांटे गए।
विशेषज्ञ चिकित्सक ने दिए देखभाल के टिप्स: शिविर के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन तालुकदार, सीवीओ (एसजी) ने पशुओं का परीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को पशुओं के उचित रखरखाव, संतुलित आहार (मिनरल मिक्सचर), नियमित टीकाकरण तथा बीमारियों से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सीमावर्ती आबादी और बल के बीच मजबूत हो रहा विश्वास: कार्यक्रम के दौरान 43वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट नीलेश संतोष मासुले ने कहा कि इस तरह के नागरिक कल्याण कार्यक्रमों (Civic Action Programme) का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। ऐसे आयोजनों से एसएसबी और सीमावर्ती आबादी के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों, आपसी समन्वय और विश्वास को नई मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम में उपस्थिति
शिविर के सफल आयोजन में खुनुवां सीमा चौकी के निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पंकज सिंह, एसएसबी के चिकित्सा कर्मियों, जवानों तथा स्थानीय ग्रामीणों व पशुपालकों की सराहनीय उपस्थिति एवं योगदान रहा।