नेपाल-भारत सीमा पर बढ़ा तनाव: 64 बोरी चावल ज़ब्ती के विरोध में व्यवसायी ने किया आत्मदाह का प्रयास

कृष्णानगर भंसार कार्यालय के बाहर पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी झड़प; गंभीर हालत में व्यवसायी महेश अग्रहरि बुटवल रेफर

गुरु जी की कलम से

बढ़नी / सिद्धार्थनगर (कपिलवस्तु, नेपाल): नेपाल के जिला कपिलवस्तु अंतर्गत कृष्णानगर सीमा क्षेत्र में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक दुकान से 64 बोरी चावल ज़ब्त किए जाने के विरोध में स्थानीय व्यवसायी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद सीमावर्ती बाजार में हड़कंप मच गया और व्यापारियों तथा पुलिस के बीच तीखा विवाद छिड़ गया।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुम्बिनी प्रदेश पुलिस ने कृष्णानगर स्थित एक चावल की दुकान से 64 बोरी चावल ज़ब्त कर उसे भंसार (सीमा शुल्क) कार्यालय पहुंचाया था। चावल छुड़ाने के लिए भंसार कार्यालय द्वारा 10 लाख रुपये की जमानत राशि की मांग की जा रही थी।

इसी बात से क्षुब्ध होकर चावल व्यवसायी महेश अग्रहरि ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिसकर्मियों और नागरिकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए व्यवसायी को बचाया और तुरंत अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद व्यवसायी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च इलाज के लिए बुटवल रेफर कर दिया गया है।

व्यापारियों का आरोप: ‘वैध कागजात होने के बावजूद हुई दमनकारी कार्रवाई’

घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापार संघ का कहना है कि:

  • चावल के बिल-बीजक (खरीद-बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज) उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने जबरन जब्ती की कार्रवाई की।

  • 10 लाख रुपये की भारी-भरकम जमानत राशि मांगकर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

  • पुलिस की इस मनमानी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए व्यापारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

कृष्णानगर और कपिलवस्तु पुलिस प्रशासन के अनुसार:

  • चावल ज़ब्त करते समय मौके पर आवश्यक बिल-बीजक प्रस्तुत नहीं किए गए थे।

  • नियमानुसार ही ज़ब्त किए गए चावल को कृष्णानगर भंसार कार्यालय सौंपा गया था।

  • जब्ती को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसकी जांच की जा रही है।

फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।