सिद्धार्थनगर: अवैध सील नर्सिंग होम के पंजीकरण में बड़ा खेल, बिना जुर्माना वसूले लाइसेंस जारी करने पर उठे सवाल

पूर्व नोडल अधिकारी मानवेंद्र पाल ने कई अस्पतालों के सीलिंग के मामले में नियमों को दरकिनार कर अस्पताल संचालकों को फायदा पहुंचाने का काम किया है।

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अस्पताल सील होने के बाद भी पंजीकरण: सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के बेंवा में संचालित ‘दादा हनुमान मेमोरियल नर्सिंग होम’ को अवैध मिलने पर सील किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसका पंजीकरण कर दिया गया।

नियमों की अनदेखी: क्लिनिकल स्टेबलिस्मेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, अवैध संचालन के पहली बार उल्लंघन पर लाइसेंस फीस का 10 गुना जुर्माना सरकारी कोष में जमा होना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में कोई जुर्माना नहीं वसूला गया।

अधिकारियों के अलग-अलग तर्क: तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान सील की कार्रवाई गलत थी, जबकि बेंवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने छापेमारी और सील की कार्रवाई को सही बताया है।

प्रतीकात्मक फोटो