दीपावली की खुशियां मातम में बदलीं: तालाब में डूबने से बुजुर्ग नाना और दो मासूम नाती-पोतों की मौत, गांव में पसरा मातम
📅 Published on: November 8, 2026
निजाम अंसारी
पिंडी (नेमा गांव): दीपावली के पावन पर्व पर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। शुक्रवार सुबह घर से टहलने निकले 60 वर्षीय बुजुर्ग और उनके दो मासूम नाती-पोते रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। पूरी रात चली खोजबीन के बाद शनिवार सुबह तीनों के शव गांव के पास स्थित तालाब से बरामद किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
टहलने निकले थे तीनों, देर शाम तक नहीं लौटे
घटना पिंडी के नेमा गांव की है। यहाँ के निवासी 60 वर्षीय पीतांबर चौहान शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अपने छह वर्षीय नाती शिवांश और दिव्यांश के साथ घर से निकले थे। परिजनों के अनुसार, वे रोजाना की तरह टहलने के लिए गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला, तो परिवार की चिंता बढ़ गई और उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास उनकी तलाश शुरू कर दी।
तालाब के पास मिले कपड़े और खिलौना
परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात कड़ाके की ठंड और अंधेरे में उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह जब खोजबीन फिर से शुरू हुई, तो ग्रामीणों की नजर तालाब के पास रखे बच्चों के कपड़ों और खिलौनों पर पड़ी। शक होने पर जब तालाब में देखा गया, तो छह वर्षीय शिवांश का शव पानी में उतराता हुआ नजर आया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर लगभग एक बजे बुजुर्ग पीतांबर चौहान और दूसरे मासूम दिव्यांश के शव भी तालाब से बाहर निकाल लिए गए।
त्योहार की खुशियां मातम में हुईं तब्दील
इस हृदयविदारक घटना से मृतकाें के घर में कोहराम मच गया है। दीपावली के पर्व को लेकर जो घर खुशियों से गुलजार था, वहाँ अब चीख-पुकार मची हुई है। घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिवांश स्थानीय एक निजी विद्यालय में पढ़ाई करता था।
वहीं, दिव्यांश महज दो दिन पहले ही अपने माता-पिता के साथ ननिहाल आया था, किसे पता था कि यह उसकी ननिहाल की आखिरी यात्रा साबित होगी।


