प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू प्रत्याशियों की खर्च सीमा तय प्रत्याशियों का प्रचार प्रसार तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में निकाय चुनाव का ऐलान कर दिया है। 4 मई को निकाय चुनाव की शुरुवात हो जाएगी, जो सिर्फ दो चरणों में होगी।

पहले चरण में 4 मई को वोटिंग होगी जबकि 11 मई को दूसरे चरण का मतदान होगा। हर फेज में 9 मंडलों में चुनाव होगा। वहीं वोटों की गिनती 13 मई को होगी। चुनाव के दौरान 4.27 करोड़ वोटर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे।

चुनाव की तारीखों के बाद से प्रत्याशियों की डोर टू डोर कनविंसिंग तेज हो गई है । तारीखों का ऐलान होने के बाद से नगर पंचायत शोहरतगढ़ के प्रत्याशी उमा पत्नी रवि अग्रवाल का दौरा तेज हो गया है ।

प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी इस बार दिल खोलकर चुनाव में खर्च कर सकेंगे। वर्ष 2017  के चुनाव तुलना में इस बार चुनाव खर्च की सीमा बढ़ गई हैं।
इस बार राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव खर्च की सीमा बीते 30 अगस्त 2022 में ही तय कर दी थी। इस सिलसिले में आदेश भी जारी हुए थे।

इस आदेश के तहत ही इस बार प्रत्याशी चुनाव में खर्च कर सकेंगे। वर्ष 2017 की तुलना में इस बार 80 से कम बार्ड वाले नगर निगमों में महापौर के प्रत्याशी अधिकतम 35 लाख रुपये खेच कर सकेंगे, जबकि पिछले चुनाव में अधिकतम खर्च सीमा 20 लाख थीं।
इसी तरह, इस बार 80 या इससे अधिक बार्ड वाले नगर निगमों के महापौर प्रत्याशी अधिकतम 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।

चष॑ 2017 में अधिकतम खर्च सीमा 25 लाख थी। इस बार के चुनाव में सभी तरह के नगर निगमों में पार्षदों के
लिए अधिक खर्च सीमा तीन लाख निर्घारित है, जबकि यह कर्ष 2017 में यह दो लाख थी।
इसी तरह, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अध्यक्षों की अधिकतम खर्च सीमा भी पिछले चुनाव से बढ़ गई है।
इस बार 25 से 40 वार्ड वाले नगर पालिका परिंषदों में अध्यक्षों के लिए अधिकतम चुनाव खर्च सीमा नौ लाख निर्धारित है जबकि पिछले चुनाव में यह छह लाख थो।

41 से 55 वार्ड वाले नगर पालिका परिषद अध्यक्षों के लिए अधिकतम खर्च सीमा 12 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जो वर्ष 2017 में यह आठ लाख थी।

नगर पालिका सदस्यों के लिए इस बार अधिकतम खर्च सीमा दो लाख निर्धारित है, फिछलें चुनाव में यह डेढ़ लाख रुपये थी।

किसी भी त्रुटि से बचने के लिए कृपया राज्य निर्वाचन विभाग की साइट से जानकारी प्राप्त करें |