ग्राम वार्ड सदस्यों ने अपने अधिकारोंके लिए उठाई आवाज , ग्राम प्रधान करते हैं मनमाना प्रस्ताव , किसी भी बैठक में न प्रस्ताव पर अब तक नहीं कराये गए हस्ताक्षर और न ही भुगतान

महेंद्र कुमार गौतम

बांसी तहसील अंतर्गत विकास खण्ड खेसरहा अंतर्गत वार्ड सदस्य उपेन्द्र चतुर्वेदी  वार्ड. 5 जितेंद्र  पांडेय  और  सनाउल्लाह आदि ने जिला प्रशासन से मांग की है  मुख्यमंत्री  योगी  आदित्यनाथ  ने  2022  ने  घोषणा  किया  था कि  ग्राम पंचायत  सदस्य 100 रुपये  प्रति  माह  बैठक  भत्ता  दिया जायेगा ।

लगभग 2 वर्ष  का समय  बीत  चुका लेकिन अब तक  प्रशासन  के  लोग इस आदेश को  नजरअंदाज  करते हैं  ग्राम  प्रधान  भी  किसी  बैठक  मे  ग्राम पंचायत  सदस्य  को  नहीं  बुलाते  है । कभी किसी रजिस्टर न प्रस्ताव पर ही दस्तखत किया गया है | प्रधान अपनी मन मानी करते है किसी भी मामले में या विकास कार्यों को लेकर कभी कोई राय नहीं ली जाती है |

इन सब  समस्याओं  को  लेकर  ग्राम पंचायत  सदस्यों  मे  रोष  व्यक्त  किया  हैं ।  सभी  ग्राम पंचायत  सदस्य   ने  प्रशासन  से  मांग की हैं की अधिकार  का  दुरूपयोग  प्रधान करते  हैं । इसके  लिए सभी  बैठक  वरिष्ठ अधिकारियों के मौजदूगी  मे किया जाए |

इस  प्रकार  प्रधान  जी मनमानी करते हैं  कि ग्राम पंचायत विकास  की हर  योजना  से  वंचित कर देते हैं । हम  मांग करते हैं कि जिस तरीके से नगर पालिका के सभासदों को  अधिकार प्राप्त  है  । उसी तरह  हम  ग्राम पंचायत  सदस्य  की  वार्ड  में  विकास  की अहम  भूमिका अदा  कर सके। बैठक  मे  ग्राम  पंचायत  सदस्य  जितेंद्र  पांडेय , उपेन्द्र  चतुर्वेदी व  सनाउल्लाह कई  ग्राम पंचायत  सदस्य  मौजूद  थे।

वार्ड सदस्यों ने  यह  आशंका  है  कि  ग्राम पंचायत  के योजना मे ग्राम पंचायत सदस्यों  का गलत  तरीके  से   हस्ताक्षर कर लेते  हैं   जिससे  ग्राम पंचायत  में  भ्रष्टाचार  को बढ़ावा मिलेगा।

ग्राम पंचायत फरीदाबाद उपेन्द्र चतुर्वेदी  वार्ड. 5 जितेंद्र  पांडेय  और सनाउल्लाह बनकटा  ब्लाक प्रथम खेसरहा ने प्रशासन से कहा है कि हर हाल में ग्राम सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए जिस्से ग्राम विकास कार्यों में पारदर्शिता के साथ काम हो और प्रत्येक माह बैठक सुनिश्चित करवाते हुवे प्रस्तावों आदि पर उनके हस्ताक्षर वरिष्ट अधिकारीयों की मौजूदगी में ही हों |

यदि  प्रशासन उनके अधिकारों की रक्षा नहीं करता है  प्रस्तावों पर फर्जी  हस्ताक्षर बनाकर पेश करने से रोक पाता है और बैठकों का भुगतान नहीं करवाता है तो हम आगे की कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे |