डॉक्टर ऑफ़ द मंथ – [ artheritis ] घुटनों में होने वाले दर्द और उसके बचाव पर चर्चा वरिष्ट आर्थो सर्जन डॉ विमल कुमार दिवेदी के साथ

वर्तमान समय में यह अधिकतर देखने को मिलता है की बड़ी उम्र के लोगों में अक्सर घुटने में  दर्द की समस्या रहती है ऐसा क्यों होता है इसके इलाज और बचाव पर चर्चा करने के लिए आज हमारे साथ हैं सिद्धार्थ नगर जनपद के वरिष्ट आर्थो सर्जन कई अवार्डों के विजेता डॉ विमल कुमार दिवेदी जी के साथ दिवेदी जी साहित्य प्रेमी, कवि और एक डॉक्टर के रूप में जाने जाते हैं आपका स्वभाव आपके इलाज में दीखता है |

Q डॉक्टर साहब घुटनों में दर्द होने के क्या कारण हैं ?

देखिये घुटनों में दर्द होने के कई कारण होते हैं बच्चों में अलग नौजवानों और बुजुर्गों में अलग तरह के दर्द होते हैं |

गठिया (Arthritis): यह घुटनों में दर्द का सबसे आम कारण है। गठिया कई प्रकार का होता है, जिनमें पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, रुमेटाइड गठिया, और संधिशोथ शामिल हैं।

घुटने में चोट लगने लिगामेंट टूटना, और फ्रैक्चर से भी दर्द हो सकता है । अधिक वजन होने से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। कुछ गतिविधियाँ, जैसे कि दौड़ना, कूदना, और भार उठाना, घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं, जिससे दर्द हो सकता है।

यह बढती उम्र के साथ-साथ, घुटनों में उपास्थि (cartilage) खराब होने लगती है, जिससे दर्द हो सकता है।घुटनों में दर्द के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, घुटने में सूजन घुटने में संक्रमण हड्डियों का कमजोर होना घुटने में ट्यूमर घुटने में रक्त का थक्का बन जाना |

Q  बच्चों में घुटने में दर्द के क्या कारण हैं ?

बच्चों में घुटने का दर्द कई कारण हो सकते हैं बच्चों में घुटने का दर्द सबसे आम कारण चोट है। खेलकूद  साइकिलिंग या अन्य गतिविधियों के दौरान गिरने या टकराने से घुटने में चोट लग सकती है । या फिर बच्चे में कैल्शियम और विटामिन डी 3 की कमी के कारण उसके घुटने या किसी अन्य हिस्से में दर्द हो सकता है |

Q युवाओं में घुटने के दर्द के क्या कारण हो सकते है ?

खेलकूद में चोट: युवाओं में घुटने का दर्द होने का सबसे आम कारण खेलकूद में चोट लगना है। दौड़ना, कूदना, या अचानक मुड़ने से घुटने में चोट लग सकती है, जिससे दर्द, सूजन और गतिशीलता में कमी हो सकती है। 2. अधिक वजन  3. गलत मुद्रा 4. संधिशोथ: संधिशोथ, जैसे कि ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटाइड गठिया, युवाओं में घुटने के दर्द का कारण बन सकते हैं। 5. संक्रमण: घुटने के जोड़ में संक्रमण, जिसे सेप्टिक गठिया कहा जाता है, युवाओं में घुटने के दर्द का एक गंभीर कारण हो सकता है।

Q बुजुर्गों में अधिकतर घुटने के दर्द की समस्या होती है ऐसा क्यों ?

हम सब जानते हैं कि उमर बढ़ने के साथ साथ शरीर की क्षमता धीरे धीरे कमजोर होने लगती है जिसका असर हर सक्रियता पर पड़ता है समय के साथ ही हड्डियाँ कमजोर होने लगती है घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है घुटने के उपास्थि (cartilage) को नुकसान पहुंचाता है, जिससे दर्द, सूजन और गतिशीलता में कमी हो सकती है।

गठिया: गठिया एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो शरीर के जोड़ों पर हमला करती है। यह घुटनों में दर्द, सूजन और गतिशीलता में कमी का कारण बन सकता है।

चोट: गिरने या किसी दुर्घटना के कारण घुटने में चोट लग सकती है, जिससे दर्द, सूजन और गतिशीलता में कमी हो सकती है।

अधिक वजन: अधिक वजन होने से घुटनों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है।

कमजोर मांसपेशियां: कमजोर मांसपेशियां घुटनों को सहारा देने में असमर्थ हो सकती हैं, जिससे दर्द और गतिशीलता में कमी हो सकती है।

Q बुजुर्गों को घुटनों के दर्द से बचने / आराम पाने के उपाय

स्वस्थ वजन बनाए रखें। नियमित रूप से व्यायाम करें, खासकर घुटनों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम। अच्छी मुद्रा बनाए रखें। गतिविधियों में धीरे-धीरे गति करें। यदि आपको घुटने में दर्द है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। कुछ घरेलू उपचार हैं जो बुजुर्गों को घुटनों के दर्द से राहत पाने में मदद कर सकते हैं: बर्फ की सिकाई , आराम , दर्द निवारक दवाएं ,घुटने का ब्रेस या पट्टी ,फिजियोथेरेपी , यदि आपको घुटने में गंभीर दर्द, सूजन या गतिशीलता में कमी है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

यहां कुछ अतिरिक्त युक्तियां दी गई हैं जो बुजुर्गों को घुटनों के दर्द से राहत पाने में मदद कर सकती हैं: गर्म पानी से स्नान करें। घुटनों की मालिश करें। घुटनों को ऊंचा करके बैठें। योग और ध्यान करें। स्वस्थ आहार खाएं। पर्याप्त पानी पीएं।

ऑस्टियो आर्थराइटिस के लक्षण :

दर्द: यह ऑस्टियोआर्थराइटिस का सबसे आम लक्षण है। दर्द आमतौर पर गतिविधि के दौरान होता है और आराम करने से कम हो जाता है।कठोरता: यह आमतौर पर सुबह या लंबे समय तक बैठने या लेटने के बाद होता है। सूजन: यह जोड़ों में सूजन और सूजन का कारण बन सकता है। गतिशीलता में कमी: यह जोड़ों को हिलाना मुश्किल बना सकता है। क्रेपिटस: यह जोड़ों को हिलाने पर पीसने या क्लिक करने की आवाज है।

Q ओस्टियो आर्थराइटिस का इलाज कैसे होता है ?

ऑस्टियोआर्थराइटिस का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:

1 . दवाएं: दर्द निवारक दवाएं, इंजेक्शन , सूजन-रोधी दवाएं

2 . सर्जरी: यदि अन्य उपचार विफल हो जाते हैं, तो सर्जरी एक विकल्प हो सकता है । इसके अंतर्गत घुटना प्रत्यारोपण किया जाता है |

3 – कसरत एक्सरसाइज करना – दोनों पैरों पर लगभग किलो भर का वजन रखकर बीस से पचीस बार उठाना यह प्रक्रिया दिन में तीन बार अपनाकर आराम पाया जा सकता है |

4 – खान पान – धुप में बैठना ,अंकुरित खाद्य पदार्थ ,सोयाबीन ,प्रोटीन युक्त भोजन करने से भी लाभ मिलता है |

बताते चलें कि डॉक्टर साहब का परिवार बहुत धार्मिक संस्कारों वाला है उनकी माता जी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं असहायों , गरीबों और निराश्रितों की हमेशा मदद करती रही हैं | उनकी माता जी के आदर्श उनके जीवन में निहित हैं |

डॉ दिवेदी अपने शिक्षा ग्रहण के समय में डी डी यू गोरखपुर के msc के टापर रहे हैं अलाहाबाद विश्वविद्यालय से MBBS करने के बाद गोरखपुर से MS के डिग्री प्राप्त कर  पिछले सत्ताईस वर्षों से आर्थो और मेडिकल शिक्षा के माध्यम से जनपद का नाम देश व प्रदेश में बढ़ाने का काम कर रहे हैं |

डॉक्टर साहब के जीवन और प्रोफेशन से जुड़े सभी मामलों पर प्रकाश डाला गया है लेकिन साहित्य और कविता के बिना यह अधूरा ही रहेगा !

सफर में भीड़ तो होगी  | पर अकेले ही तुम्हें चलना होगा | |

मंजिलों का शोर तो होगा | पर स्वयं को ही तुमको सुनना होगा ||

हजारों मुश्किलें तुम्हें गुमराह करने आयेंगी |

पर प्रण से रण में विमल अकेले ही तुम्हें लड़ना होगा ||

उपलब्धियां – अपने डॉक्टरी पेशे में डॉ विमल ने जो नाम कमाया है जो मेहनत करी है वह प्रदेश तक दीखता है पिछले वर्ष बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय [ सम्पूर्णानन्द संस्कृति विश्व विद्यालय ] में काशी रत्न अवार्ड मिला ,सांसद रवि किशन के द्वारा रेडिसन ब्लू में एक समारोह में एक्सेलेंस अवार्ड और दिल्ली में राष्ट्र रतन सम्मान प्राप्त कर चुके हैं |यही नहीं सिद्धार्थ नगर जनपद में पहला सफल घुटने के प्रत्यारोपण का श्रेय भी डा विमल कुमार दिवेदी जी को ही जाता है l