📅 Published on: September 11, 2024
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर 09 सितम्बर 2024/ जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी जयेन्द्र कुमार की उपस्थिति में सम्पूर्णता अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ।
जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 द्वारा पिछली कार्यवृत्ति की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी द्वारा जन आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ द्वारा विभागीय कार्यो को माह अगस्त में 02 दिन, माह सितम्बर में दिनांक 01,02 व 03.09.2024 हड़ताल पर रहकर कार्य नहीं किया गया है, यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
सीएचओ के हड़ताल पर रहने के कारण माह अगस्त में 02 दिन तथा माह सितम्बर में 03 दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुये कहा कि वार्षिक इंक्रीमेंट संतोषजनक सेवा देने पर दिया जाता है इसे क्यों न काटा जाये।
सीएचओ जिन तिथियों में हड़ताल पर थे जिससे विभाग की क्षति हुयी है और जनहित में अनुचित है।
इसके पश्चात सेल्फ एसेसमेंट की समीक्षा की गयी। जनपद के 180 जन आरोग्य मंदिरों का 18 विन्दुओं पर पीपीटी तैयार करने का निर्देश दिया।
इसका फार्मेट सभी सीएचओ को भेजकर सूचना प्राप्त किया जाये। जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि जनपद में कुल 61 एडिशनल पीएचसी संचालित हैं उस पीएचसी में प्रसूता केंद्र की सुविधा विकसित किया जाये।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त एमओआईसी प्रत्येक विकास खण्डों से 03-03 प्रसूता केंद्र बेहतर सुविधायुक्त केन्द्रों को चिन्हित कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचना प्रेषित करें, इस प्रकार जनपद में 42 प्रसूता केंद्र अतिरिक्त संचालित हो जायेंगे इससे जनपद का डिलीवरी का प्रतिशत बढ़ जायेगा।
समस्त एमओआईसी को उस प्रसव केंद्र पर 24 घंटे प्रसव सुविधा प्रदान करने का बैनर लगाने का निर्देश दिया। यह केंद्र अधिक आबादी वाले क्षेत्र में चिन्हित किया जाये।
जिलाधिकारी ने एमओआईसी डुमरियागंज को निर्देश दिया कि पीएचसी डुमरियागंज का मुख्य भवन के ध्वस्तीकरण के लिए व्यय का स्टीमेट तैयार कराकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध करायें ।
जनपद में कुल 512 आशा कार्यकत्री का कार्य शून्य था उन्हें नोटिस देने के बाद 352 आशा कार्यकत्रियों के कार्य में प्रगति पायी गयी तथा 160 आशा कार्यकत्रियों द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि 160 कार्य न करने वाली आशा कार्यकत्रियों का बैठक रखें और उन्हें निर्देश दिया जाये कि आगामी एक सप्ताह में उनके कार्य में सुधार नहीं लाया गया तो जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
इसके पश्चात जनपद में 123 नई आशा कार्यकत्रियों के चयन की कार्यवाही शुरू की गयी है। जिन गांवों में आशा कार्यकत्री का पद खाली था उन्हीं गांवों में चयन की कार्यवाही ग्राम पंचायत की खुली बैठक में की जायेगी।
आवेदन प्राप्त करने की तिथि 11.09.2024 है ग्राम पंचायतों में खुली बैठक में चयन की कार्यवाही 12 से 14.09.2024 तक होगी। एमओआईसी चयन की मानीटरिंग करें। इसके साथ ही सभी एमओआईसी/बीसीपीएम को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन एवं टीकाकरण में प्रगति लाकर शत-प्रतिशत पूर्ण कराये।
सभी बीसीपीएम गांवो में जाकर कम से कम 05-05 घर रेण्डम जांच करे। सभी लोग एमओआईसी, बीसीपीएम आशा, आशा संगिनी के साथ बैठक कर जानकारी उपलब्ध कराये तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल, आरसीएच पोर्टल और एचएमआईएस पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग कराने का निर्देश दिया। संस्थागत प्रसव और बच्चो का टीकाकरण बढ़ाने का निर्देश दिया। अति कुपोषित बच्चों को ए0एन0एम0 के माध्यम से एनआरसी में भर्ती करायें। गर्भवती महिलाओं का समय-समय पर जांच कराते हुये संस्थागत प्रसव भी करायें।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि ए0एन0एम0 को बुधवार एवं शनिवार को छुट्टी अपरिहार्य स्थिति में ही स्वीकृत किया जाये। जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित सम्भव अभियान के प्रगति की समीक्षा की गयी।
समस्त सीडीपीओ सुनिश्चित करे कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रो पर गर्भवती महिलाओ का वजन किया जा रहा है तथा इसकी फीडिंग भी हो रही है इसकी प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त सीडीपीओ को अपने स्तर से निर्देश देकर और उनके केन्द्रो की विकास खण्डवार समीक्षा करे कि आंगनबाड़ी केन्द्रो पर गर्भवती महिलाओ को दिया जाने पोषाहार, बच्चो को दिया जाने पोषाहार तथा हॉटकुक्ड प्रत्येक केन्द्रो पर बनना चाहिए।
जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 ने एनएचएम के अन्तर्गत कार्य करने वाले बैम, वीसीपीएम, वीपीएम अपने कार्यो में सुधार लाये और एएनएम के उपर नियंत्रण रखकर फीडिंग की कार्यवाही शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराये। इसके अलावा हाइपर टेंशन, डायबिटीज स्क्रीनिंग की समीक्षा की गयी।
मुख्य विकास अधिकारी जयेन्द्र कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि अपने स्तर से ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश जारी कर दें कि आशा कार्यकत्रियों के चयन में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रजत कुमार चौरसिया, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय गुप्ता, डॉ0 लक्ष्मी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार, डीसीपीएम, डीपीएम, समस्त एमओआईसी, वीपीएम, वीसीपीएम, समस्त सीडीपीओ व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।