डॉ ऑफ द मंथ – दर्द , गैस और आयुर्वेदिक दवाओं के रैंडम यूज़ से गुर्दे के स्वास्थ्य पर पड़ता है नेगेटिव प्रभाव – डॉ संदीप कुमार राव MBBS , MD. [ internal medicine ]

गुर्दे (किडनी) का खराब होना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे कई कारणों और स्थितियों से जोड़ा जा सकता है। किडनी हमारे शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जैसे खून को छानना, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना, रक्तचाप नियंत्रित करना, और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना। जब किडनी अपनी कार्यक्षमता खो देती है, तो यह शरीर के लिए घातक हो सकता है। आइए जानें, किन कारणों से आदमी का गुर्दा खराब हो सकता है |

kapilvastupost

आज स्वास्थ्य परिचर्चा में हमारे साथ है डॉ संदीप कुमार राव , डॉ राव ह्रदय रोग , गुर्दा रोग , फेफड़ा रोग , पेट रोग से सम्बंधित इलाज करते हैं | स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जनपद के अग्रणी VPL हॉस्पिटल पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं |

डॉ साहब सबसे पहला सवाल ये कि गुर्दे के सही कार्य करने में सुगर और बी पी का क्या सम्बन्ध है ?

पहले तो आप यह जान लीजिये कि सुगर और बी पी का सम्बन्ध पूरे शरीर से है | या दोनों ही बीमारी पूरे शरीर की कार्य प्रणली पर नेगेटिव प्रभाव पड़ता है इन दोनों का दीर्घ कालिक प्रभाव पड़ता है आदमी बिस्तर पकड़ लेता है कुछ कर पाने की स्थित में नहीं होता है |

मधुमेह (डायबिटीज़)

लंबे समय तक उच्च रक्त शर्करा का स्तर किडनी की नलियों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। यह गुर्दे की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कम करता है, जिससे किडनी फेल होने की संभावना बढ़ जाती है। इसे डायबेटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)

लगातार उच्च रक्तचाप किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनका कामकाज बिगड़ सकता है। जब गुर्दों को पर्याप्त रक्त नहीं मिलता, तो वे अपनी विषाक्त पदार्थों को छानने की क्षमता खोने लगते हैं, जिससे किडनी की बीमारी विकसित होती है।

डॉ साहब मरीज को कैसे पता चले कि उसके गुर्दे में इन्फेक्शनहै ?

गुर्दे में संक्रमण (किडनी इन्फेक्शन)

किसी प्रकार का संक्रमण, जैसे पायलोनेफ्राइटिस, किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। बैक्टीरिया गुर्दों तक पहुंच सकते हैं, जो गंभीर संक्रमण और सूजन का कारण बनता है, और किडनी को स्थायी नुकसान हो सकता है।

गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन)

बार-बार गुर्दे में पथरी बनने से किडनी को नुकसान हो सकता है। अगर पथरी बड़ी हो जाए और मूत्र मार्ग में रुकावट पैदा करे, तो यह गुर्दे के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे गुर्दा खराब होने का खतरा होता है।

दीर्घकालिक दवाओं का उपयोग

कुछ दर्द निवारक दवाओं जैसे दर्द की दवा , गैस की दवा या आयुर्वेद के भस्म टाइप की दवा या एंटीबायोटिक्स का लंबे समय तक उपयोग गुर्दों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, स्टेरॉयड किडनी को प्रभावित कर सकते हैं।

अल्कोहल और धूम्रपान

अत्यधिक शराब और धूम्रपान गुर्दों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। शराब शरीर को डीहाइड्रेट करती है, जिससे किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी तक रक्त प्रवाह में रुकावट हो सकती है।

मोटापा

अधिक वजन या मोटापा किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि शरीर को अतिरिक्त वसा के साथ रक्त को छानने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। मोटापा भी डायबिटीज और उच्च रक्तचाप का प्रमुख कारण होता है, जो किडनी की बीमारी को बढ़ा सकते हैं।

अनियंत्रित संक्रमण और टॉक्सिन्स

बैक्टीरिया या वायरस संक्रमण, विषाक्त पदार्थों, या भारी धातुओं (जैसे सीसा या पारा) का संपर्क किडनी के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। ये किडनी की कोशिकाओं को सीधा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

अनुचित जीवनशैली

अत्यधिक नमक, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, और चीनी का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, पर्याप्त पानी न पीना या मूत्र को लंबे समय तक रोकना भी गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है।

किडनी खराब होने के क्या लक्षण हैं , इससे कैसे बचा जा सकता है ?

शरीर में थकान और कमजोरी , पैरों और चेहरे में सूजन , पेशाब में कमी या झाग आना , भूख न लगना , मतली और उल्टी , उच्च रक्तचाप और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है |

व्यक्ति को हर छ महीने में अपनी स्वास्थ्य जांच कराते रहे यदि लक्षण दिखते हैं तो भी और लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो भी  |

गुर्दे खराब होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, और इसका जोखिम धीरे-धीरे बढ़ता है। स्वस्थ जीवनशैली, समय पर उपचार, और नियमित स्वास्थ्य जांच से किडनी की बीमारियों से बचा जा सकता है।

डॉ संदीप बताते हैं कि खाने में नमक की मात्रा कम रखें , कम से कम तीन लीटर पानी पियें , सप्ताह में कम से कम पांच दिन 45 मिनट तक वाक जरूर करें | जिनको पथरी कि शिकायत होती है उन्हें ऐसे सब्जियों जैसे टमाटर / बैंगन / पालक का सेवन कम से कम करना चहिये इनको खाने से कैल्शियम और प्रोटीन शरीर में ज्यादा मात्रा में बनता है जिससे पथरी बन सकती है |गुर्दा स्वस्थ्य रखने के लिए खाने के बाद पानी में नीबू मिलाकर जरूर पिएं और संतरे का जूस भी पिया करें इनसे गुर्दे को ताकत मिलती है |