📅 Published on: March 29, 2025
गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
शासन और शिक्षा विभाग के सख्त आदेशों के बावजूद गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन बेखौफ जारी है। हर नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत में इन विद्यालयों पर शिकंजा कसने की कवायद जरूर होती है, लेकिन कुछ दिनों बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। दंड के प्रावधान होने के बावजूद विभागीय मिलीभगत के चलते ये विद्यालय बेरोकटोक चलते रहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय चल रहे हैं, जिन्हें विभाग द्वारा गत वर्ष नोटिस जारी किया गया था। लेकिन कार्रवाई के बजाय नोटिसों का खेल चलता रहा और मामला रफा-दफा हो गया। हैरानी की बात यह है कि जब ऐसे विद्यालयों पर बंद करने की तलवार लटकती है, तो महज बोर्ड बदलकर नया नाम रख दिया जाता है, जिससे वे फिर से संचालित होने लगते हैं।
शिकायतें ठंडे बस्ते में, विभागीय अनदेखी जारी
इन विद्यालयों के खिलाफ समय-समय पर शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन अधिकतर शिकायती पत्रों को फाइलों में दबाकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पूरे साल भर तक नोटिसों का खेल चलता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती।
सरकारी आदेशों की अनदेखी, कार्रवाई से बचते अधिकारी
सरकार का स्पष्ट आदेश है कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच कर, अवैध पाए जाने पर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। लेकिन सिद्धार्थनगर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई करने से बचते नजर आते हैं।
बुद्धिजीवियों की मांग – हो सख्त कार्रवाई
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है, तो गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर केवल नोटिस देने का दिखावा बंद कर, उन पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जब तक जिम्मेदार अधिकारी निष्पक्ष तरीके से अपना काम नहीं करेंगे, तब तक यह खेल चलता रहेगा और शिक्षा व्यवस्था मजाक बनकर रह जाएगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शिक्षा विभाग इस बार भी केवल नोटिस तक सीमित रहता है या फिर वास्तविक रूप से ठोस कदम उठाकर इन विद्यालयों पर लगाम कसता है।