ईडी की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, डीएम को सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन

kapilvastupost 

सिद्धार्थनगर।
नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आज सिद्धार्थनगर में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. आर. राजा गणपति को सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने किया।

ज्ञापन में ईडी द्वारा नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को कथित तौर पर अवैध तरीके से सीज करने और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं पर चार्जशीट दाखिल करने को अलोकतांत्रिक, तानाशाही और बदले की राजनीति करार दिया गया।

काजी सुहेल अहमद ने कहा मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। ईडी को विपक्ष को कुचलने का हथियार बना दिया गया है। नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करना और कांग्रेस नेतृत्व पर झूठे मुकदमे थोपना कानून का दुरुपयोग है। यह एक राज्य प्रायोजित राजनीतिक प्रतिशोध है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। अब आर-पार की लड़ाई होगी।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ईडी की कार्यशैली निष्पक्ष नहीं रही है। केवल विपक्षी दलों के नेताओं को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि भाजपा के भ्रष्ट नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भाजपा सरकार देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
नादिर सलाम, देवेन्द्र कुमार गुड्डू, कृष्ण बहादुर सिंह, सादिक अहमद, रंजना मिश्रा, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, राजन श्रीवास्तव ने कहा कि, ईडी भाजपा की राजनीतिक एजेंसी बन चुकी है, जो केवल प्रधानमंत्री के इशारों पर नाच रही है। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे जिनमें प्रमुख रूप से दीपक यदुवंशी, रियाज़ मनिहार, डॉ. विक्की रिज़्वी, मनोज श्रीवास्तव, सबरे आलम, सुदामा प्रसाद, आसिफ़ रिज़्वी, ओमप्रकाश दूबे, इश्तियाक चौधरी, ग़ालिब बिसेन, रितेश त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, शौकत अली, विंध्याचल चौधरी, राजेश शास्त्री, अर्जुन कन्नौजिया, होरी लाल श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि अगर केंद्र सरकार ने ईडी जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग बंद नहीं किया तो सड़कों पर व्यापक जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।