📅 Published on: June 20, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर | त्रिलोकपुर
रिश्तों की मर्यादा को कलंकित करने वाले एक दिल दहला देने वाले मामले में त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति को अपनी ही विकलांग बेटी के साथ बलात्कार कर उसे गर्भवती करने के आरोप में कोर्ट ने कठोरतम सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) वीरेंद्र कुमार ने आरोपी अशोक कुमार चौधरी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए ₹2.05 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 7 जनवरी 2025 को सामने आया था, जब पीड़िता की मां ने त्रिलोकपुर थाने में तहरीर देकर अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। महिला ने बताया था कि उसकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग है। एक दिन नहाते समय गिरने पर जब मां ने उसे उठाया, तो बेटी का पेट असामान्य रूप से फूला हुआ दिखाई दिया। पूछने पर बेटी ने फफकते हुए बताया कि उसके पिता कई बार उसके साथ जबरदस्ती कर चुके हैं और उसे धमकाते भी रहे हैं।
पीड़िता की मां जब इस विषय में पति से जवाब मांगने गई, तो आरोपी ने उसे और बेटी को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(च), 64(2)(ट), 351(3) BNS व 5(ट)/6 POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्य आरोपी के खिलाफ पाए गए। विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले की पैरवी शासन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार पाठक ने की।
महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जिले में यह पहली सजा है, जिससे स्पष्ट संदेश जाता है कि कानून ऐसे दरिंदों को बख्शने वाला नहीं है।