📅 Published on: July 8, 2025
सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता से काम करें। जनहित के मामलों में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी- डी एम
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर।
जिले के डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने सोमवार को शहर के कांशीराम आवास कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलोनी वासियों ने पीने के पानी की गंभीर समस्या से डीएम को अवगत कराया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सप्लाई का पानी गंदा आ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जलकल विभाग के अधिकारियों को तीन दिन के भीतर पीने योग्य साफ पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “तीन दिन बाद मैं पुनः निरीक्षण करूंगा, यदि सुधार न हुआ तो संबंधित विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।”
बच्चों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) ने जानकारी दी कि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कैंप लगाकर 80 बच्चों का टीकाकरण कराया गया है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि 16 वर्ष तक के सभी बच्चों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर हाल में सभी बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करे, जिससे संक्रमण संबंधी बीमारियों पर रोक लगाई जा सके।
नगर पालिका को सफाई व्यवस्था सुधारने का आदेश
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि नगर पालिका क्षेत्र के सभी वार्डों में शेड्यूल बनाकर नियमित सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जनहित की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न वार्डों में कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
स्थानीय लोगों ने डीएम से क्या कहा?
निरीक्षण के दौरान कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि पानी में गंदगी के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां फैल रही हैं। बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस पर डीएम ने मौके पर मौजूद जलकल के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और शीघ्र समस्या समाधान के निर्देश दिए।
साफ पानी, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छता अभियान पर जोर
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि गंदा पानी सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। इसलिए इसे प्राथमिकता पर ठीक किया जाए। साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और बच्चों के टीकाकरण जैसे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता से काम करें। जनहित के मामलों में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।