डुमरियागंज सांसद ने भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में सामिल की उठाई मांग

परमात्मा उपाध्याय की रिपोर्ट
संसद भवन, नई दिल्ली
जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग उठाई।
आज लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत सांसद जगदम्बिका पाल ने भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की माँग उठाई।
पाल ने अपने लिखित वक्तव्य में कहा कि भोजपुरी भारत की एक प्राचीन, समृद्ध और व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है, जिसे न केवल भारत के कई राज्यों में, बल्कि विदेशों में भी करोड़ों लोग बोलते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इतने व्यापक भाषिक आधार के बावजूद भोजपुरी को अब तक संवैधानिक मान्यता नहीं दी गई है। जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शीघ्र शामिल कर करोड़ों भोजपुरीभाषी नागरिकों की भावनाओं और सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान किया जाए।