📅 Published on: July 31, 2025
बढ़नी जिले का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय गेट है यह बाईपास परियोजना न सिर्फ ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि भारत-नेपाल व्यापार और लोगों की आवागमन में भी ऐतिहासिक सुविधा प्रदान करेगी – संजय मित्तल व्यापारी नेता
गुरु जी की कलम से
बढ़नी सिद्धार्थनगर।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी कस्बे में आवागमन को सुगम बनाने और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीमा क्षेत्र में अब 2.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास और फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत 143 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
क्यों जरूरी है बाईपास निर्माण?
बढ़नी भारत-नेपाल का एक प्रमुख व्यापारिक गेट है। यहां से रोजाना हजारों वाहन नेपाल की ओर जाते हैं, जिससे कस्बे में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर रेलवे फाटक और संकरी सड़कों के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। फोरलेन बाईपास और 800 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
डीएम की निगरानी में पहले चरण में 4.8 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये किसानों को दिए जाएंगे। दूसरे चरण में 20 करोड़ रुपये से अतिरिक्त भूमि ली जाएगी।
क्या होगा निर्माण के तहत?
2.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास
800 मीटर फ्लाईओवर, जो रेलवे लाइन और बाजार को पार करेगा
यातायात के लिए वैकल्पिक और सुगम मार्ग तैयार है सड़क के दोनों ओर काली पट्टी व हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी।