📅 Published on: July 31, 2025
तहसीलदार न्यायालय में व्याप्त अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली पर जताई आपत्ति, जल्द सुधार न होने पर आंदोलन की तैयारी
गुरु जी की कलम से
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। तहसील बार एसोसिएशन शोहरतगढ़ के अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बैठक कर विरोध जताया और आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसील बार अध्यक्ष दयाराम पाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण कार्यशैली, न्याय प्रक्रिया में बाधा, और नियम कानून की अनदेखी जैसे आरोप लगाए।
बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील कार्यालय में जनता से बिना पर्ची के अवैध वसूली की जा रही है। नामांतरण जैसे मामूली प्रकरणों में भी ₹5000 से ₹10000 तक की अवैध मांग की जाती है। आदेशों के बावजूद मामलों को लंबित रखा जाता है। एसडीएम कार्यालय में भी पावती पर समय अंकित न कर मनमाने तरीके से मामलों को लंबित किया जा रहा है।
वकीलों का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय में धारा 38(6) के अंतर्गत मामलों की सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि कंप्यूटर पर वाद दर्ज कराने पर भी जानबूझकर रोक लगाई जा रही है। तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से अधिवक्ता आक्रोशित हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो मजबूरन अधिवक्ताओं को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई तो तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
बैठक में प्रमुख रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता रामपाल सिंह, शिवशंकर पांडेय, अशोक दुबे, उमेश चतुर्वेदी, रामकेवल तिवारी, अनिल श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।