सिद्धार्थ नगर – लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, रीता देवी को जिला पंचायत सदस्य पद पर जीत

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बांसी, सिद्धार्थनगर: लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, रीता देवी को जिला पंचायत सदस्य पद पर जीत हासिल हुई। अपर जिलाधिकारी गौरव सिंह ने शुक्रवार को रीता देवी को उनका प्रमाण पत्र सौंपा। यह जीत चुनावी धांधली के खिलाफ न्याय और सच्चाई की एक मिसाल है।

​क्या था मामला?

​रीता देवी और सुनरा देवी के बीच हुए चुनाव में, रीता देवी को विजेता घोषित किया गया था। लेकिन मतगणना में धोखाधड़ी करके, उनके नाम को हटाकर सुनरा देवी को विजयी घोषित कर दिया गया। यह एक बड़ा षड्यंत्र था, जिसमें अधिकारियों ने मतगणना के दौरान 468 वोटों को गलत तरीके से जोड़ा था, जबकि सही आंकड़ा 378 होना चाहिए था। इस धोखाधड़ी के कारण, रीता देवी को अपनी जीत से वंचित होना पड़ा।

​अदालत में हुआ न्याय

​रीता देवी ने हार नहीं मानी और अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील प्रमोद सिंह ने इस मामले को लेकर गहन कानूनी लड़ाई लड़ी। इस मामले की सुनवाई करते हुए, अपर जनपद न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने सभी मतपत्रों की दोबारा गिनती का आदेश दिया। पुनर्गणना में यह स्पष्ट हो गया कि रीता देवी पाँच वोटों से विजयी थीं।

​अदालत के इस फैसले के बाद, अपर जिलाधिकारी गौरव सिंह ने रीता देवी को उनका प्रमाण पत्र सौंपा और उन्हें बधाई दी।