सिद्धार्थ नगर – फ़र्ज़ी पंजीकरण पर ‘राहत हॉस्पिटल’ प्रबंधन और डॉ. तौसीफ़ हैदर पर केस दर्ज

गुरु जी की कलम से

सिद्धार्थनगर, वरिष्ठ संवाददाता। ज़िले के ढेबरुआ पुलिस ने बढ़नी कस्बे के ढेबरुआ मार्ग पर संचालित ‘राहत हॉस्पिटल’ के प्रबंधन और डॉ. तौसीफ़ हैदर के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने यह कार्रवाई पीएचसी बढ़नी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी की तहरीर पर की है।

​डीएम के निर्देश पर हुई छापेमारी

​दरअसल, बढ़नी कस्बे के ढेबरुआ मार्ग पर संचालित ‘राहत हॉस्पिटल’ के ख़िलाफ़ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए ज़िलाधिकारी (डीएम) डॉ. राजा गणपति आर ने हॉस्पिटल चेक करने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, तहसीलदार अजय मौर्य, बढ़नी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी और पटल सहायक महेंद्र कुमार की संयुक्त टीम ने ‘राहत हॉस्पिटल’ पर छापा मारा।

​हॉस्पिटल अवैध मिला, पंजीकरण प्रमाणपत्र भी फ़र्ज़ी

​छापेमारी के दौरान ‘राहत हॉस्पिटल’ अवैध तरीके से संचालित होता पाया गया। पूछताछ में डॉ. तौसीफ़ हैदर ने जो पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, वह कूटरचित और फ़र्ज़ी पाया गया। टीम को यह भी पता चला कि हॉस्पिटल बिना पंजीकरण के चल रहा था और डॉ. तौसीफ़ हैदर भी बिना वैध पंजीयन के चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे थे। जाँच टीम ने हॉस्पिटल संचालन के जो पिछले वर्ष के दस्तावेज़ देखे, वे भी फ़र्ज़ी थे। इसके बाद, संयुक्त टीम ने अवैध रूप से चल रहे हॉस्पिटल को सील कर दिया था।

​इन धाराओं के तहत केस दर्ज

​बढ़नी पीएचसी के प्रभारी डॉ. अविनाश चौधरी ने मामले में ढेबरुआ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इसके आधार पर ढेबरुआ पुलिस ने राहत चिकित्सालय प्रबंधन बढ़नी और डॉ. तौसीफ़ हैदर पर बीएनएस की धारा 336(3), 338, 340(2), 318(4), राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34, 34(1) के तहत केस दर्ज किया है। एसओ नारायण लाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीएचसी प्रभारी की तहरीर पर दोनों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।