सिद्धार्थ नगर – प्रशासनिक दूरदर्शिता से शोहरतगढ़ में टला बड़ा गतिरोध: शांतिपूर्ण माहौल के लिए प्रशासन द्वारा बताए गए रूट से नहीं हुआ पथ संचालन

Kapilvastupost

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर): शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता एक बार फिर सिद्ध हुई है। नगर पंचायत शोहरतगढ़ में आयोजित होने वाले R S S के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पूर्व निर्धारित पथ संचलन (रूट मार्च) के मार्ग प्रतिबंधित क्षेत्र रमजान गली में आवश्यक बदलाव किया गया। यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि 11 दिन पूर्व ही इसकी सूचना स्वयंसेवकों को दे दी गई थी, ताकि वे संशोधित रूट पर अपनी तैयारी कर सकें।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नगर पंचायत शोहरतगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों का शताब्दी वर्ष का भव्य कार्यक्रम आयोजित होना था। इस कार्यक्रम के कारण नगर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना थी। प्रशासन का प्राथमिक दायित्व जनसुरक्षा और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने गोल्हर, भारत माता चौक से आगे वाले संकरे और व्यस्त मार्ग के बजाय,रामजानकी मंदिर परिसर से नगर पंचायती कार्यालय, गोलघर तक एक वैकल्पिक, सुरक्षित और चौड़ा मार्ग सुझाया था। यह संशोधित मार्ग शहर की सुव्यवस्था के लिए अधिक अनुकूल था।

​उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) शोहरतगढ़ ने बताया कि संशोधित रूट को अंतिम रूप देने से पूर्व स्वयंसेवकों के साथ कई बार रचनात्मक संवाद किया गया था। 29 सितंबर को ही प्रशासन ने स्वयंसेवकों से मिलकर परिवर्तित रूट पर संचलन करने का आग्रह किया था। कार्यक्रम की गरिमा और सुरक्षा दोनों के लिए यह बदलाव अपरिहार्य था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवकों को संचलन निकालने से रोका नहीं गया था, बल्कि उन्हें केवल सुरक्षित और सुगम मार्ग पर चलने का अनुरोध किया गया था, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।

​कुछ स्वयंसेवकों द्वारा प्रशासनिक निर्णय पर विरोध और ‘आक्रोश’ व्यक्त करने के बावजूद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित पहल की। प्रशासन ने सद्भाव बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और वस्तुस्थिति समझाई। इसके बाद, स्वयंसेवकों ने प्रशासन की सलाह को मानते हुए बैठक कर शांतिपूर्ण समाधान निकाला और अंततः निर्धारित मार्ग से संचलन नहीं निकालने का फैसला किया।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया है कि अंतिम समय में कुछ गतिरोध उत्पन्न होने के बावजूद, स्वयंसेवकों ने प्रशासनिक व्यवस्था का सम्मान किया और समझदारी दिखाते हुए सहयोग किया। प्रशासन ने सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया है और कहा है कि भविष्य में भी सार्वजनिक कार्यक्रमों को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसा ही समन्वय बनाए रखना जरूरी है। यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा और व्यवस्था के मामले में प्रशासन की भूमिका सर्वोपरि होती है और जनहित में लिए गए निर्णय का सम्मान करना सामाजिक जिम्मेदारी है।