सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह समारोह में राज्यपाल ने 37 स्वर्ण पदक, 11 अक्षय निधि डोनर स्वर्ण पदक/प्रशस्ति पत्र और 32 पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की

Parmatma Upadhyay

सिद्धार्थनगर, 10 नवंबर 2025। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में नवम् दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने की।

इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), मोहाली, पंजाब के निदेशक मुख्य अतिथि के रूप में तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कुलाधिपति का संबोधन: बुद्ध की धरती से नारी सशक्तिकरण का संदेश

राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए सिद्धार्थनगर की पावन धरती को नमन किया, जहाँ गौतम बुद्ध ने विश्व को शांति का संदेश दिया था। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी और लड़कियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष सराहना की।

नारी शक्ति का उत्कर्ष: उन्होंने खुशी जाहिर की कि लड़कों की अपेक्षा लड़कियों को अधिक मेडल प्राप्त हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत का उदाहरण दिया।

सामाजिक दायित्व: कुलाधिपति ने छात्रों से शिक्षा प्राप्त कर समाज में परिवर्तन लाने और अपने माता-पिता से प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।विकसित भारत का लक्ष्य: उन्होंने छात्रों से देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में अपना योगदान देने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और पर्यावरण: उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं पर बल दिया, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कम पानी वाली खेती करने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री के पर्यावरण आंदोलन को जन आंदोलन बनाने तथा सभी बेटियों का एचबी टेस्ट कराने की बात भी कही।

युवा शक्ति: उन्होंने कहा कि 21वीं सदी परिवर्तन की सदी है और युवा रोजगार देने वाला बन रहा है। उन्होंने युवाओं से सपने देखने और उसे कर्म में बदलने का संदेश दिया।

उपाधि धारकों के लिए मुख्य अतिथि का मार्गदर्शन

मुख्य अतिथि, आईआईएसईआर, मोहाली के निदेशक ने उपाधि प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह के बाद नए दायित्वों का शुभारंभ होता है।

उन्होंने छात्रों को अपनी ज्ञान और क्षमता का उपयोग कर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय अवसरों के साथ-साथ चुनौतियों से भरा होगा, जिसके लिए छात्रों को अपने व्यक्तित्व को निखारना और अपनी क्षमताओं को बढ़ाना होगा।

उन्होंने जोर दिया कि आसान रास्ता चुनने वाले लोग सफलता तक नहीं पहुँच सकते और छात्रों को अपनी क्षमताएं प्रमाणित करनी होंगी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सिद्धार्थनगर के योगदान को भी याद किया।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री का वक्तव्य: समाधान दे रहा नया भारत

विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने गोल्ड मेडल पाने वाले मेधावियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि छात्र आजादी के अमृत काल में डिग्री प्राप्त कर रहे हैं।

नया भारत: उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया को समाधान दे रहा है और डिजिटल इंडिया एवं आत्म निर्भर भारत ही नया भारत है।

शिक्षा की गुणवत्ता: उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।

प्रबुद्ध नागरिक: उन्होंने कहा कि छात्र स्वयं भी प्रकाशित होंगे तथा अपने आस-पास के लोगों को भी प्रकाशित करेंगे।

कुलपति का प्रतिवेदन: विश्वविद्यालय की उपलब्धियां

कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने दीक्षांत समारोह में सभी अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

पंजीकरण और सुविधाएं: उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 69004 छात्राओं का पंजीकरण हुआ है। विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वास्थ्य केंद्र और 02 ओपन जिम संचालित हैं।

सामाजिक पहल: उन्होंने गोद लिए गए 05 गाँवों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन और मिशन शक्ति के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में बताया।दीक्षांत में सम्मान: समारोह में कुल 37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र, 11 अक्षय निधि डोनर स्वर्ण पदक/प्रशस्ति पत्र तथा 32 पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की गईं।

समारोह का समापन

नवम् दीक्षांत समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने समारोह के सफल आयोजन की घोषणा की। इस दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की बच्चियों को भी चित्रकला, कहानी कथन, और भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्थानीय सांसद, विधायकगण, तथा प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।