सिद्धार्थनगर में ‘जहर’ की फैक्ट्री पर बड़ी चोट: अवैध पनीर कारखाने का भंडाफोड़, डिटर्जेंट और केमिकल से बन रहा था पनीर

नियमतुल्लाह खान

सिद्धार्थनगर/इटवा: खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इटवा तहसील के नागचौरी में चल रही एक अवैध पनीर निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान जो हकीकत सामने आई, वह चौंकाने वाली थी—पनीर बनाने के लिए दूध की जगह खतरनाक रसायनों, डिटर्जेंट (रानीपाल) और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा था।

मौके पर क्या मिला?

​सहायक आयुक्त (खाद्य) बस्ती मण्डल, वी.के. पाण्डेय के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी सामग्री बरामद की। अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बने 386 किलो मिलावटी पनीर और 178 लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा 208 लीटर लिक्विड सोयाबीन को भी नष्ट किया गया।

​विभाग ने कारखाने से 223 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर और 238 लीटर रिफाइंड पॉमोलिन ऑयल को जब्त (सीज) कर लिया है।

कपड़े धोने वाला ‘रानीपाल’ डाल कर चमकाया जा रहा था पनीर

​छापेमारी में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि पनीर को सफेद और चमकदार बनाने के लिए रानीपाल (Ranipal) और सफॉलाइट (Safolite) जैसे रसायनों का प्रयोग किया जा रहा था, जिनका उपयोग आमतौर पर कपड़ों की धुलाई में होता है। साथ ही मिठास के लिए सैकरिन (Saccharin) का भी इस्तेमाल हो रहा था।

10 नमूने जांच के लिए भेजे गए

​टीम ने मौके से कुल 10 नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे हैं, जिनमें शामिल हैं:

​02 पनीर के नमूने ,​01 दूध का नमूना ,01 सोया मिल्क का नमूना ,01 सफॉलाइट (Safolite) ,01 रानीपाल (Ranipal) ,​02 स्किम्ड मिल्क पाउडर ,01 रिफाइंड पॉमोलिन ऑयल ,​01 सैकरिन (Saccharin)

​अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

छापेमारी करने वाली टीम

​इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहे:

वी.के. पाण्डेय (सहायक आयुक्त-खाद्य, बस्ती मण्डल)

आर.एल. यादव (सहायक आयुक्त-खाद्य-II)

नरेंद्र प्रताप सिंह (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी)

खाद्य सुरक्षा अधिकारी: इंद्रेश प्रसाद, जय प्रकाश, हीरा लाल, रंजन कुमार श्रीवास्तव एवं नीरज कुमार चौधरी।