📅 Published on: November 25, 2025
nizam ansari
बढ़नी (सिद्धार्थनगर): स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी! अब सिद्धार्थ नेत्रालय, बढ़नी में मोतियाबिंद के मरीज़ों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा मिल रही है। अस्पताल, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत ‘फेकोइमल्सीफिकेशन’ (Phacoemulsification) नामक अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके मोतियाबिंद का सफल और दर्दरहित इलाज कर रहा है।
क्या है इस इलाज की खासियत?
सिद्धार्थ नेत्रालय में मोतियाबिंद की सर्जरी एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है, जिससे मरीज़ों को तेज़ रिकवरी और बेहतर विज़न मिलता है।
बिना चीरा, बिना टाँका: ‘फेको’ विधि में बहुत छोटा सा कट लगाया जाता है, जिसमें टाँके की ज़रूरत नहीं पड़ती। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
बिना इंजेक्शन, बिना पट्टी: ऑपरेशन से पहले किसी बड़े इंजेक्शन की ज़रूरत नहीं होती और सर्जरी के बाद पट्टी भी नहीं बाँधी जाती, जिससे मरीज़ को तुरंत आराम महसूस होता है।
बेहतर लेंस का उपयोग: मरीज़ों को उनकी आँखों की ज़रूरत के हिसाब से सबसे उन्नत और बेहतर क्वालिटी के इंट्रा-ओकुलर लेंस (IOL) इम्प्लांट किए जाते हैं, जो बेहतर और साफ दृष्टि सुनिश्चित करते हैं।
आयुष्मान कार्ड की सुविधा: गरीब और ज़रूरतमंद लोग भी इस महँगे और अत्याधुनिक इलाज का लाभ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बिल्कुल निःशुल्क उठा सकते हैं।
डॉ नदीम के अनुसार यह विधि मरीज़ों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब उन्हें मोतियाबिंद के डर या इलाज के खर्च की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि सिद्धार्थ नेत्रालय बेहतर स्वास्थ्य सेवा को सभी की पहुँच में ला रहा है।
इस बारे में सिद्धार्थ नेत्रालय के सर्जन डॉ नदीम अहमद ने कहा यदि आपके परिवार या आस-पास किसी को मोतियाबिंद की समस्या है और उनके पास आयुष्मान कार्ड है, तो वे सिद्धार्थ नेत्रालय, बढ़नी में इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।