सिद्धार्थ नगर – मरीज का गलत ऑपरेशन: शोहरतगढ़ का जनता हॉस्पिटल सील, जांच शुरू

डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई; पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज

निजाम अंसारी

शोहरतगढ़ । शोहरतगढ़ क्षेत्र के गौहनिया गांव में संचालित जनता हॉस्पिटल फ्रैक्चर सेंटर के विरुद्ध एक मरीज का गलत ऑपरेशन करने के मामले में गंभीर शिकायत के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए 3 दिसंबर को हॉस्पिटल को सील कर दिया है। सील करने के बाद टीम ने शिकायत के आधार पर अपनी जांच प्रारंभ कर दी है और गुरुवार को पीड़ित पक्ष को बुलाकर उनके लिखित बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।

​क्या है पूरा मामला?शिकायतकर्ता: जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के पारा नानकार गांव निवासी अविनाश मिश्रा पुत्र शशिभूषण मिश्रा।

पीड़िता: अविनाश की बहन मीनाक्षी उर्फ तुलसी देवी, जिनके किडनी में पथरी थी।

घटनाक्रम: अविनाश ने अपनी बहन के इलाज के लिए जनता हॉस्पिटल फ्रैक्चर सेंटर, गौहनिया, में संपर्क किया। चिकित्सक ने पथरी का इलाज दवा से न होने की बात कहकर लेजर विधि से ऑपरेशन की सलाह दी और इसके लिए 30 हजार रुपए लिए।

गलत ऑपरेशन: पीड़ित का आरोप है कि 10 अगस्त 2025 को लेजर विधि का पैसा लेने के बावजूद चिकित्सक ने पेट चीर कर पथरी का ऑपरेशन किया।

हालत बिगड़ी: ऑपरेशन के बाद घर पहुँचने पर अगले ही दिन मीनाक्षी की हालत बिगड़ गई। हॉस्पिटल वापस ले जाने पर चिकित्सक ने उन्हें तुरंत गोरखपुर के नीरा अस्पताल रेफर कर दिया।

​लखनऊ में हुआ खुलासा

​गोरखपुर और बाद में लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने खुलासा किया कि पीड़िता के शरीर में नश कट गई है, जिसके कारण उनकी हालत गंभीर हुई है। इसके बाद पीड़ित अविनाश मिश्रा ने न्याय के लिए जिलाधिकारी (DM) को शिकायती पत्र दिया, जिसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच का निर्देश दिया।

​जांच समिति का गठन और सीलिंग

​डीएम के निर्देश पर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।

जांच टीम के सदस्य: अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार। शोहरतगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके आजाद। ​मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी।

​जांच टीम 3 दिसंबर को जब जनता हॉस्पिटल फ्रैक्चर सेंटर पहुँची तो वहाँ कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद तत्काल प्रभाव से हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। गुरुवार को टीम ने पीड़ित पक्ष को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए और गहन जांच शुरू कर दी है।