मेडिकल कॉलेज में किशोर की मौत का मामला: फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर FIR दर्ज करने का आदेश

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अनुभव कटियार ने एक साल पहले माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक किशोर की कथित मौत के मामले में फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सदर थाना पुलिस को इस संबंध में केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू करने का निर्देश दिया है।

​इंजेक्शन लगाने के बाद हुई थी किशोर की मौत

​यह मामला जोगिया क्षेत्र के कोयड़ा गांव निवासी रामगिरीश के पुत्र विशाल चौहान से जुड़ा है। रामगिरीश ने कोर्ट में दाखिल वाद में बताया कि 15 नवंबर 2024 को पैर फ्रैक्चर होने के बाद विशाल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

​पिता ने आरोप लगाया कि 17 नवंबर 2024 को ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय, फार्मासिस्ट और जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक ने उनसे ₹5000 की मांग की। पैसे नहीं देने पर, उन्होंने पांच मिनट के भीतर चार सूई (इंजेक्शन) लगा दी, जिसके कुछ देर बाद विशाल की मौत हो गई।

​पुलिस कार्रवाई न करने पर कोर्ट का रुख

​रामगिरीश ने आरोप लगाया कि घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया।

​न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने और तथ्यों पर विचार करने के बाद पाया कि विपक्षियों द्वारा प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) किया जाना परिलक्षित होता है।

​आरोपी कर्मचारियों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

​जिन तीन लोगों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है, उनमें:

  1. फार्मासिस्ट कमलवीर

  2. आउटसोर्स वार्ड ब्वाय मणिकांत शुक्ल

  3. जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार

​गौरतलब है कि एक वर्ष पूर्व हुई इस घटना के बाद आरोपी फार्मासिस्ट कमलवीर और वार्ड ब्वाय मणिकांत शुक्ल की सेवा समाप्त कर दी गई थी। वहीं, डॉ. प्रदीप कुमार का सेवा विस्तार नहीं किया गया था।

​कोर्ट ने अब थानाध्यक्ष सिद्धार्थनगर को इन तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर इसकी प्रति न्यायालय को उपलब्ध कराने का सख्त आदेश दिया है।