नेपाल के गौरव: प्रख्यात विद्वान शमीम अहमद नदवी उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा सम्मानित

गुरु जी की कलम से

बढ़नी, सिद्धार्थनगर (भारत)। नेपाल के शैक्षिक, धार्मिक और साहित्यिक जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। नेपाल स्थित जामिया सिराजुल उलूम अल्सलफियह (झण्डानगर) के अध्यक्ष और प्रसिद्ध मासिक पत्रिका ‘अल-सिराज’ के संपादक, शमीम अहमद नदवी को उनके अतुलनीय साहित्यिक और सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।

साहित्यिक सीमाओं को लांघती एक उपलब्धि

​उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शमीम अहमद नदवी को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर लखनऊ के नामचीन विद्वान, शोधकर्ता और प्रोफेसर उपस्थित रहे। चयन समिति ने नदवी साहब के वर्षों के कठिन परिश्रम और उर्दू भाषा के संरक्षण में उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।

नेपाल के लिए गर्व का विषय

​यह सम्मान न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह नेपाल के संपूर्ण उर्दू प्रेमी समाज और शैक्षिक संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शमीम अहमद नदवी की सेवाओं ने सीमाओं को पार कर भारत और नेपाल के बीच साहित्यिक सेतु बनाने का काम किया है।

संस्था की प्रतिक्रिया

​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जामिया सिराजुल उलूम अल्सलफियह के प्रवक्ता मौलाना मशहूद खाँ नेपाली ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा शमीम अहमद नदवी को प्राप्त यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत सेवाओं की सराहना नहीं है, बल्कि यह नेपाल के शैक्षिक और साहित्यिक सफर की एक उज्ज्वल पहचान है। उनकी निष्ठा ने उर्दू साहित्य की सेवा में एक अमर उदाहरण पेश किया है।