नेपाल चुनाव: 21 फागुन को मतदान, 3,484 उम्मीदवार मैदान में; युवाओं और निर्दलीयों का बढ़ा क्रेज

गुरु जी की कलम से
काठमांडू: पड़ोसी मित्र देश नेपाल में लोकतांत्रिक उत्सव की तैयारियां अपने चरम पर हैं। आगामी 21 फागुन को होने वाले प्रतिनिधि सभा (संसद) चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेपाल चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बार कुल 3,484 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है।
चुनावी रण: दलों और निर्दलीयों के बीच मुकाबला
इस बार के चुनाव में कुल 68 राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं। प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली (First Past The Post) के तहत नामांकन का विवरण इस प्रकार है:
* राजनीतिक दलों के उम्मीदवार: 2,297
* स्वतंत्र (निर्दलीय) उम्मीदवार: 1,187
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नेपाल की राजनीति में इस बार स्वतंत्र उम्मीदवारों के प्रति जनता और नेताओं का रुझान बढ़ा है।
महिला प्रतिनिधित्व की स्थिति
कुल उम्मीदवारों में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर भी उभर कर सामने आई है। प्रत्यक्ष मुकाबले में कुल 395 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 235 विभिन्न दलों से हैं और 160 स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 3,088 है।
युवा जोश और अनुभव का संगम (आयु वर्ग विवरण)
चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई के अनुसार, इस बार युवाओं में चुनाव को लेकर काफी उत्साह है:
* 25-35 वर्ष: 583 उम्मीदवार
* 36-50 वर्ष: 1,610 उम्मीदवार (सबसे अधिक)
* 51-65 वर्ष: 1,090 उम्मीदवार
* 65 वर्ष से अधिक: 201 उम्मीदवार
संसद का गणित और चुनावी प्रक्रिया
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं, जिनमें से:
* 165 सीटें: प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के माध्यम से भरी जाएंगी।
* 110 सीटें: समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर चुनी जाएंगी, जिसके लिए दलों ने अपनी बंद सूचियाँ (Closed Lists) पहले ही जमा कर दी हैं।
आगामी चुनावी कार्यक्रम
8 माघ: शिकायतों की जांच के बाद उम्मीदवारों की पहली सूची का प्रकाशन।
9 माघ: नामांकन वापसी (सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक) और शाम तक अंतिम सूची व चुनाव चिह्नों का आवंटन।
6 माघ को हुई नामांकन प्रक्रिया के दौरान देशभर के सभी 165 निर्वाचन क्षेत्रों में भारी जन-उत्साह देखा गया, जो नेपाल के सुदृढ़ होते लोकतंत्र का प्रतीक है।