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नई दिल्ली/सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का नाम रोशन करते हुए आपदा मित्र सुनील कुमार को उनके अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा के लिए गृह मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया है। सुनील कुमार उन चुनिंदा 150 आपदा मित्रों में शामिल थे, जिन्हें पूरे भारत से उनके विशिष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली बुलाया गया था। राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस परेड तक का सफर
सम्मान समारोह के कार्यक्रम की शुरुआत 25 जनवरी को हुई, जहाँ सभी चयनित आपदा मित्रों ने राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई और जलपान किया। इसके बाद, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) की झांकी के साथ इन आपदा मित्रों ने परेड में हिस्सा लिया।
सुषमा स्वराज भवन में आयोजित मुख्य समारोह में गृह मंत्रालय द्वारा सभी को सम्मानित किया गया। इस दौरान गृह राज्य मंत्री ने आपदा मित्रों से सीधा संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट किए।
नदी में छलांग लगाकर बचाई थी जान
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील अंतर्गत बनगाईनानकार निवासी सुनील कुमार (पुत्र जादू यादव) को यह सम्मान 3 अक्टूबर को किए गए उनके साहसिक कार्य के लिए मिला है। सुनील ने गौरा घाट पर नदी में डूब रहे विनोद कुमार को बचाने के लिए पुल से बिना डरे छलांग लगा दी थी और सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
उत्तर प्रदेश से इस गौरवशाली सम्मान के लिए मात्र दो आपदा मित्रों का चयन हुआ था, जिनमें सुनील कुमार के साथ वाराणसी की कंचन गुप्ता (महिला वर्ग) शामिल रहीं।
“मदद करना बचपन का जुनून है”
मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील कुमार ने भावुक होते हुए कहा बचपन से ही मेरे मन में लोगों की मदद करने की लालसा रही है। जब भी कोई मुसीबत में होता है, तो मैं खुद को रोक नहीं पाता। आपदा मित्र के रूप में सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात है।
गौरतलब है कि ‘आपदा मित्र’ किसी भी आपदा की स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ (प्रथम प्रति उत्तर कर्ता) के रूप में काम करते हैं, जो प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय स्तर पर जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करते हैं।